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विवादों में लालू: बेटे के बंगले पर सरकारी डॉक्टरों की ड्यूटी लगवाने का आरोप

पटना. लालू प्रसाद फिर विवादों में हैं। इस बार आरोप लगा है कि उनके इलाज के लिए मंत्री बेटे के घर पर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती की गई थी। हॉस्पिटल के लेटर के मुताबिक, नीतीश सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर सरकारी डॉक्टर तैनात किए गए। इसको लेकर मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि ऐसे नेताओं के यहां डॉक्टरों की नहीं, जल्लादों की तैनाती होनी चाहिए। गरीबों को डॉक्टर नहीं मिलते, लेकिन लालू के परिवार के आराम के लिए डॉक्टरों का इस्तेमाल हो रहा है। इस मामले में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIMS) के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने सफाई दी कि तेज प्रताप यादव हेल्थ मिनिस्टर हैं। वे हॉस्पिटल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं। इसी के चलते उनके घर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई। बीजेपी ने भी लगाए आरोप...


- बीजेपी नेता प्रेम कुमार ने कहा कि एक ओर जनता इलाज न मिलने पर भटक रही है, दूसरी ओर स्वास्थ मंत्री के घर डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। लालू का परिवार मामूली बात पर भी डॉक्टरों की पूरी टीम अपने घर पर खड़ा कर लेता है।

क्या है मामला?
- लालू प्रसाद मई में कई दिनों तक बीमार थे। उनकी देखरेख के लिए IGIMS के 3 सीनियर डॉक्टर और 2 वार्ड ब्वॉय को तैनात किया गया था।
- डॉक्टरों की ये तैनाती 31 मई 2017 से लेकर 08 जून तक थी। आठ जून को जारी आदेश के मुताबिक, 9 जून से इन लोगों की आगे की ड्यूटी IGIMS में ही लगा दी गई।

IGIMS के आदेश के मुताबिक इन डॉक्टरों की हुई थी तैनाती
- जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट के HOD डॉ. नरेश कुमार।
- सर्जरी विभाग के डॉ. कृष्ण गोपाल (अपर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट)।
- फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अमन कुमार (डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट)।
- इनके अलावा दो वार्ड ब्वॉय अनिल सैनी और विक्रम चारण को भी लालू के घर पर लगाया गया था।

क्या है नियम?
- IGIMS के नियम के मुताबिक, केवल सीएम या हेल्थ मिनिस्टर के बीमार होने पर ही घर पर डॉक्टरों की तैनाती हो सकती है। उनके परिवार के लिए नहीं। पिछले दिनों नीतीश कुमार की मां बीमार हुई थीं तो उनका भी घर पर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती कर इलाज नहीं किया गया था।
- IGIMS के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. पीके सिन्हा के मुताबिक, "डॉक्टरों की तैनाती के लिए बाकायदा ऑर्डर जारी किया गया था। तेज प्रताप हेल्थ मिनिस्टर होने के अलावा हमारे इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन भी हैं। लिहाजा उन्हें विशेषाधिकार दिया गया। लालू प्रसाद के नाम से ऑर्डर जारी नहीं किया गया।"
- "अगर कोई डॉक्टर कहीं इलाज करने के लिए जाता है तो उसकी कुछ जिम्मेदारी होती हैं। IGIMS के डॉक्टरों को ऑफिशियल नोटिस देकर ही कहीं भेजा जाता है। अगर कोई सामान्य आदमी भी हमारे पास आकर ये बात कहता है तो उसे घर पर ट्रीटमेंट की सुविधा दी जाएगी।"
- "बंगले पर तैनात डॉक्टर वहां पूरे वक्त नहीं रहे। केवल सुबह और शाम की शिफ्ट की।"

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