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विजयवर्गीय ने घायलों से पूछा- गोली किसने चलाई, उन्होंने कहा- पुलिस ने

इंदौर.किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में हुए गोलीकांड में घायल छह लोगों से मिलने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सोमवार सुबह 10.30 बजे एमवाय अस्पताल पहुंचे। पहले उन्होंने डॉक्टरों से घायलों को मिल रहे इलाज और स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद घायलों से पूछा कि इलाज ठीक से हो रहा, कोई तकलीफ तो नहीं है? किसी जांच के लिए पैसा तो नहीं लगा।


इसके बाद उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए पूछा कि गोली कैसे लगी? यह सुनकर कुछ देर तो घायल चुप रहे फिर बोले कि हम घर से निकले थे और भीड़ में खड़े थे, तभी पुलिस ने गोली चला दी। गौरतलब है कि 7 जून को गोलीकांड में छह किसानों की मौत हो गई थी और घायलों को इंदौर लाया गया था, उनका इलाज एमवाय अस्पताल में चल रहा है।

100 से 150 लोग खड़े थे तभी चला दी गोलियां
विजयवर्गीय ने घायलों से पूछा क्या सीआरपीएफ और पुलिस वाले दोनों थे, दोनों में से किसने गोली चलाई। एक घायल बोला कि वहां पुलिस वाले थे और उन्होंने ही गोली चलाई। इसके बाद पुलिस के कहने पर सीआरपीएफ ने गोली चलाई। घायलों से पूछताछ के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि यह न्यायिक जांच का विषय है कि गोली किसने चलाई?

कांग्रेस को तो बोलने का भी अधिकार नहीं
विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके नेताओं को कोई अधिकार नहीं है कि वे कुछ बोलें। कांग्रेस के कार्यकाल में मात्र दो घंटे बिजली मिलती थी। जितना विकास भाजपा सरकार में हुआ, पहले नहीं हुआ।

किसानों पर गोलियां चलाईं, फिर घायलों को बंदूक से पीटा : सिंधिया
सोमवार को शहर आए कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्य सरकार पर जमकर बरसे। मंदसौर में किसानों पर गोली चलाए जाने की घटना पर उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री को जिम्मेदार बताते हुए हमला बोला। सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को शर्म आना चाहिए। एक तरफ किसानों पर गोली चलवाते हैं और दूसरी तरफ उपवास पर बैठने का ढाेंग रचते हैं। सिंधिया ने कहा- आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने बर्बरता की हदें पार कर दीं। गोलियां चलाने के बाद शवों पर लाठियां बरसाई गईं। घायलों को अस्पताल भेजने के बजाय उन पर भी लाठियां भांजी गई। अब कांग्रेस किसानों की लड़ाई लड़ेगी।

8 किसान लापता, 700 से ज्यादा थाने में बंद
सिंधिया ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बाद से 8 किसान अब भी लापता हैं जबकि 700 से ज्यादा किसानों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। तत्काल एफआईआर वापस कर उन्हें छोड़ा जाना चाहिए।

जमीन कब्जे का आरोप गलत
सिंधिया घायलों से मिलने एमवाय अस्पताल भी पहुंचे। घायलों से बात कर वे भावुक भी हुए। सिंधिया ने जमीन पर कब्जे संबंधी प्रभात झा के आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत है। किसी भी एजेंसी से जांच करवा लें, सब पता चल जाएगा। एयरपोर्ट से रेसीडेंसी तक सिंधिया के साथ प्रमोद टंडन, तुलसी सिलावट, अश्विन जोशी, सत्यनारायण पटेल, राजू सिंह चौहान, दीपक राजपूत सहित अन्य नेता मौजूद थे। रेसीडेंसी पर सिंधिया और भूरिया की बंद कमरे में बैठक भी हुई।

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