MP: किसानों के परिवार से मिलने जा रहे जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ हिरासत में लिठगà¤
मंदसौर/नीमच/à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤².पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग में मारे गठकिसानों के परिजनों से मिलने के लिठकांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया ने मंदसौर जाने की कोशिश की। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने मंदसौर के पहले ही इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इससे पहले, सà¥à¤¬à¤¹ पाटीदार नेता हारà¥à¤¦à¤¿à¤• पटेल को पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने हिरासत में लिया था। वे उदयपà¥à¤° के रासà¥à¤¤à¥‡ मंदसौर जाना चाहते थे, लेकिन पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने à¤à¤®à¤ªà¥€-राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बॉरà¥à¤¡à¤° पर ही रोक लिया। बता दें कि सीà¤à¤® शिवराज सिंह चौहान बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को मंदसौर और पिपलिया मंडी जाà¤à¤‚गे। हाल में हà¥à¤ किसान आंदोलन के दौरान यहां फायरिंग में 7 लोगों की मौत हो गई थी। जावरा में समरà¥à¤¥à¤•ों के बीच हà¥à¤ˆ धकà¥à¤•ामà¥à¤•à¥à¤•ी...
- जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया मंगलवार को जावरा के रासà¥à¤¤à¥‡ मंदसौर गठथे। जावरा पहà¥à¤‚चते ही उनके सपोरà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के बीच धकà¥à¤•ामà¥à¤•à¥à¤•ी हो गई। इस दौरान à¤à¤• होटल को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा।
- सिंधिया के अलावा सांसद कांतिलाल à¤à¥‚रिया और पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ महेंदà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤‚ह कालूखेड़ा को à¤à¥€ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने हिरासत में लिया। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सिंधिया खेतों के रासà¥à¤¤à¥‡ से मंदसौर की आगे बॠरहे थे। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वापस रतलाम ले गई। à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ने सिंधिया को सेकà¥à¤¶à¤¨ 144 लागू होने के चलते मंदसौर में घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ की मंजूरी नहीं दी।
- हारà¥à¤¦à¤¿à¤• मंगलवार सà¥à¤¬à¤¹ करीब 10 बजे राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨-à¤à¤®à¤ªà¥€ बॉरà¥à¤¡à¤° से सटे नयागांव पहà¥à¤‚चे थे। उनके साथ जेडीयू के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महासचिव अखिलेश कटियार à¤à¥€ मौजूद थे। हारà¥à¤¦à¤¿à¤• ने जैसे ही मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ की वहां मौजूद पà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤•रà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हिरासत में ले लिया। हारà¥à¤¦à¤¿à¤• को रोकने के लिठपà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने महू-नसीराबाद हाईवे बंद कर दिया था।
सीà¤à¤® कल जाà¤à¤‚गे मंदसौर, किसानों के परिवारों से मिलेंगे
- सीà¤à¤® शिवराज सिंह चौहान बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को मंदसौर जाà¤à¤‚गे। वे यहां किसानों के परिवारों से मिलेंगे। वे पिपलिया मंडी à¤à¥€ जाà¤à¤‚गे। यहां वे वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से मिलेंगे। पिपलिया मंडी वही जगह है, जहां से किसान आंदोलन हिंसक हà¥à¤† था।
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में किसानों की मांग
- मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के किसान करà¥à¤œ माफी, मिनिमम सपोरà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸, जमीन के बदले मिलने वाले मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ और दूध के रेट को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हà¥à¤† था। बाद में मंदसौर और राजà¥à¤¯ के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ फैल गया। इस दौरान हà¥à¤ˆ फायरिंग में 7 किसानों की मौत हो गई।
- करà¥à¤œ माफी और दूध के दाम बढ़ाने जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर किसानों का आंदोलन महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में 1 जून से शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† था। वहां अब तक 7 लोगों की मौत हà¥à¤ˆ है।
- राजà¥à¤¯ में शांति के लिठसीà¤à¤® शिवराज सिंह ने à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² में उपवास किया था। इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा था, "किसान की मेहनत और परिशà¥à¤°à¤® को बेकार नहीं जाने दिया जाà¤à¤—ा। किसान को लाà¤à¤•ारी मूलà¥à¤¯ देने में मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मरà¥à¤œà¥€ के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाà¤à¤—ी। किसान विरोध मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को ऑरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤‚स लाकर बदला जाà¤à¤—ा।"
राहà¥à¤² बाइक पर बैठे, 3km पैदल चले, पर मंदसौर नहीं पहà¥à¤‚च सके थे
- राहà¥à¤² गांधी à¤à¥€ 8 जून को पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग में मारे गठ6 किसानों के परिवारों से मिलने के लिठराजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के उदयपà¥à¤° से à¤à¤®à¤ªà¥€ के मंदसौर के लिठनिकले थे। राहà¥à¤² ने पà¥à¤²à¤¿à¤¸ से बचने के लिठकार-बाइक से सफर किया। करीब 3 किमी पैदल à¤à¥€ चले। इसके बाद à¤à¥€ वे मंदसौर नहीं पहà¥à¤‚च पाà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने नीमच से पहले ही हिरासत में ले लिया। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ राहà¥à¤² को à¤à¤• गेसà¥à¤Ÿ हाउस में ले गई। वहां वे करीब 4 घंटे तक रहे।
- पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह इलाका छोड़ने के लिठकहा, लेकिन वे किसानों के परिवार वालों से मिलने की जिद पर अड़े रहे। à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ने उनकी बात फोन पर किसानों के परिवार से कराई।
- रिहा होने के बाद शाम को राहà¥à¤² ने राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में परिवारों से मà¥à¤²à¤¾à¤•ात की थी।
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 19 साल बाद इस तरह का आंदोलन
- इससे पहले मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बैतूल जिले के मà¥à¤²à¤¤à¤¾à¤ˆ में 1998 में किसानों ने इस तरह का आंदोलन किया था।
- 12 जनवरी 1998 को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ के दौरान 18 लोगों की मौत हà¥à¤ˆ थी। दरअसल, मà¥à¤²à¤¤à¤¾à¤ˆ में उस वकà¥à¤¤ किसान संघरà¥à¤· मोरà¥à¤šà¤¾ के बैनर तले आंदोलन हà¥à¤† था। किसान बाढ़ से हà¥à¤ˆ फसलों की बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¥€ के लिठ5000 रà¥à¤ªà¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¯à¤° मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ और करà¥à¤œ माफी की मांग कर रहे थे। उस वकà¥à¤¤ राजà¥à¤¯ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार थी।