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MP: किसानों के परिवार से मिलने जा रहे ज्योतिरादित्य हिरासत में लिए गए

मंदसौर/नीमच/भोपाल.पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंदसौर जाने की कोशिश की। पुलिस ने मंदसौर के पहले ही इन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इससे पहले, सुबह पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वे उदयपुर के रास्ते मंदसौर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने एमपी-राजस्थान बॉर्डर पर ही रोक लिया। बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मंदसौर और पिपलिया मंडी जाएंगे। हाल में हुए किसान आंदोलन के दौरान यहां फायरिंग में 7 लोगों की मौत हो गई थी। जावरा में समर्थकों के बीच हुई धक्कामुक्की...


- ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को जावरा के रास्ते मंदसौर गए थे। जावरा पहुंचते ही उनके सपोर्टर्स के बीच धक्कामुक्की हो गई। इस दौरान एक होटल को नुकसान पहुंचा।
- सिंधिया के अलावा सांसद कांतिलाल भूरिया और पूर्व मंत्री महेंद्रसिंह कालूखेड़ा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। शुरुआत में सिंधिया खेतों के रास्ते से मंदसौर की आगे बढ़ रहे थे। पुलिस उन्हें वापस रतलाम ले गई। एडमिनिस्ट्रेशन ने सिंधिया को सेक्शन 144 लागू होने के चलते मंदसौर में घुसने की मंजूरी नहीं दी।
- हार्दिक मंगलवार सुबह करीब 10 बजे राजस्थान-एमपी बॉर्डर से सटे नयागांव पहुंचे थे। उनके साथ जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार भी मौजूद थे। हार्दिक ने जैसे ही मध्य प्रदेश में एंट्री की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हार्दिक को रोकने के लिए पुलिस ने महू-नसीराबाद हाईवे बंद कर दिया था।

सीएम कल जाएंगे मंदसौर, किसानों के परिवारों से मिलेंगे
- सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मंदसौर जाएंगे। वे यहां किसानों के परिवारों से मिलेंगे। वे पिपलिया मंडी भी जाएंगे। यहां वे व्यापारियों से मिलेंगे। पिपलिया मंडी वही जगह है, जहां से किसान आंदोलन हिंसक हुआ था।

मध्य प्रदेश में किसानों की मांग
- मध्य प्रदेश के किसान कर्ज माफी, मिनिमम सपोर्ट प्राइस, जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे और दूध के रेट को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हुआ था। बाद में मंदसौर और राज्य के बाकी हिस्सों में भी फैल गया। इस दौरान हुई फायरिंग में 7 किसानों की मौत हो गई।
- कर्ज माफी और दूध के दाम बढ़ाने जैसे मुद्दे पर किसानों का आंदोलन महाराष्ट्र में 1 जून से शुरू हुआ था। वहां अब तक 7 लोगों की मौत हुई है।
- राज्य में शांति के लिए सीएम शिवराज सिंह ने भोपाल में उपवास किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, "किसान की मेहनत और परिश्रम को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। किसान को लाभकारी मूल्य देने में मध्य प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मर्जी के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। किसान विरोध मुद्दों को ऑर्डिनेंस लाकर बदला जाएगा।"

राहुल बाइक पर बैठे, 3km पैदल चले, पर मंदसौर नहीं पहुंच सके थे
- राहुल गांधी भी 8 जून को पुलिस फायरिंग में मारे गए 6 किसानों के परिवारों से मिलने के लिए राजस्थान के उदयपुर से एमपी के मंदसौर के लिए निकले थे। राहुल ने पुलिस से बचने के लिए कार-बाइक से सफर किया। करीब 3 किमी पैदल भी चले। इसके बाद भी वे मंदसौर नहीं पहुंच पाए। उन्हें पुलिस ने नीमच से पहले ही हिरासत में ले लिया। पुलिस राहुल को एक गेस्ट हाउस में ले गई। वहां वे करीब 4 घंटे तक रहे।
- पुलिस ने उन्हें यह इलाका छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वे किसानों के परिवार वालों से मिलने की जिद पर अड़े रहे। एडमिनिस्ट्रेशन ने उनकी बात फोन पर किसानों के परिवार से कराई।
- रिहा होने के बाद शाम को राहुल ने राजस्थान में परिवारों से मुलाकात की थी।

मध्य प्रदेश में 19 साल बाद इस तरह का आंदोलन
- इससे पहले मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में 1998 में किसानों ने इस तरह का आंदोलन किया था।
- 12 जनवरी 1998 को प्रदर्शन के दौरान 18 लोगों की मौत हुई थी। दरअसल, मुलताई में उस वक्त किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलन हुआ था। किसान बाढ़ से हुई फसलों की बर्बादी के लिए 5000 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजे और कर्ज माफी की मांग कर रहे थे। उस वक्त राज्य में कांग्रेस सरकार थी।

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