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खेत में भाग रहे थे ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीछे दौड़ रही थी पुलिस, ये है पूरा मामला

इंदौर। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को पुलिस को खूब छकाया। वे मंदसौर में आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने जा रहे थे। जब पुलिस ने उन्हें रोका तो वे खेत के रास्ते जाने लगे। काफी देर ड्रामे के बाद उन्हें माननखेड़ा टोल बैरियर पर प्रशासन ने रोका और हिरासत में ले लिया।


बैरियर धकेलने की कोशिश की
सिंधिया के साथ सांसद कांतिलाल भूरिया ने बैरियर धकेलने का प्रयास किया। फिर धरने पर बैठ गए। 20 मिनट बाद उठे और मंदसौर जाने के लिए एसडीएम, सीएसपी से बहस की। सफल नहीं हुए तो मंदसौर तरफ खेतों में दौड़ लगा दी इस पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो वे वज्र वाहन पर चढ़ गए।


- पुलिस वज्र वाहन से अभिवादन, जय जवान जय किसान के नारे लगाते हुए रोड शो के रूप में 3.30 बजे काफिला जावरा के लिए निकला। तीन घंटे में 18 किमी लंबा सफर तय कर कार्यकर्ता उनके काफिले के साथ पैदल जावरा पहुंचे। शाम 7 बजे आईए थाने में सिंधिया, महेंद्रसिंह कालूखेड़ा समेत 15 नेताओं को 10-10 हजार के मुचलके पर छोड़ा। 21 अन्य को मॉडल स्कूल में तहसीलदार के.पी. हलवाई ने मुचलके पर रिहा किया।

- एसडीएम आर.पी. वर्मा ने कहा सिंधिया को जेल ले जाने वाले पुलिस वाहन में बैठाना था, किसी ने गलती से वज्र वाहन में बैठा दिया। चूक कहां हुई, जांच करेंगे। सीएसपी दीपक शुक्ला ने कहा परिस्थिति ही ऐसी थी। सख्ती बरतते तो माहौल खराब हो जाता। इसलिए शांतिपूर्वक सिंधिया को जावरा थाने तक ले गए। यह रोड शो नहीं था।

- इससे पहले सिंधिया फोरलेन स्थित होटल पर करीब ढाई बजे कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे तो वहां गेट का कांच टूटने से महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव यास्मीन खान के चेहरे व दाएं हाथ पर चोट आई। उनके हाथ की एक नस कट गई।

 

हिंसा करने वाले कांग्रेसी तो नहीं भाजपाई

- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं किसान आंदोलन को कांग्रेस ने हिंसक बनाया तो मैं कहता हूं किसान आंदोलन में हिंसा करने वाले कांग्रेसी तो नहीं भाजपाई जरूर शामिल हो सकते हैं। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सालाखेड़ी फंटे पर एक ढाबे पर मंगलवार रात 9 बजे मीडिया से कही। वे जावरा से भोपाल जा रहे थे। उन्होंने कहा मृत किसानों के साथ उन व्यापारियों, वाहन मालिकों को मुआवजा मिलना चाहिए जिनकी दुकान, वाहन जला दिए। मैं बुधवार से भोपाल में 72 घंटे का सत्याग्रह करूंगा, वहीं किसानों से मिलूंगा। समस्याओं की सूची तैयार कर लोकसभा में उठाऊंगा। उनके साथ सांसद कांतिलाल भूरिया, कांग्रेस नेता निमिष व्यास, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती उज्जैन, तुलसी सिलावट इंदौर थे।


सेजावता फंटे व सालाखेड़ी से भी रतलाम में नहीं घुसने दिया सिंधिया को

- पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले सेजावता फंटे व फिर सालाखेड़ी फंटे से रतलाम में आने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कांग्रेस नेता निमिष व्यास उन्हें शहर की सीमा में लाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कराने का प्रयास कर रहे थे। आखिर उन्होंने सालाखेड़ी फंटे पर स्थित एक ढाबे पर मीडिया से बात की।

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