वीरांगना समà¥à¤®à¤¾à¤¨-2017†से सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ गà¥à¤‚जन सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤
वीरांगना लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ बलिदान मेले का à¤à¤µà¥à¤¯ समापन
सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ वीर सावरकर के परिजन सतà¥à¤¯à¤•ी “कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिवीर परिजन समà¥à¤®à¤¾à¤¨” से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤
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गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° । वीरांगना लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ बलिदान मेला आयोजन समिति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इस वरà¥à¤· का कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिवीर परिजन समà¥à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ संगà¥à¤°à¤¾à¤® सेनानी वीर सावरकर के परिजन सतà¥à¤¯à¤•ी सावरकर को दिया तथा देश की पà¥à¤°à¤¥à¤® महिला पायलट कारगिल यà¥à¤¦à¥à¤§ के दौरान अदमà¥à¤¯ साहस के लिये शौरà¥à¤¯ चकà¥à¤° से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ गà¥à¤‚जन सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ को वीरांगना समà¥à¤®à¤¾à¤¨-2017 से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है। यह समà¥à¤®à¤¾à¤¨ हरियाणा के राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² पà¥à¤°à¥‹. कपà¥à¤¤à¤¾à¤¨ सिंह सोलंकी के कर कमलों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठगà¤à¥¤
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² पà¥à¤°à¥‹. सोलंकी ने कहा कि लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ बलिदान मेले ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° को à¤à¤• नई पहचान दी है। इस आयोजन से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° गौरानà¥à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤† है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के à¤à¤µà¥à¤¯ और गरिमापूरà¥à¤£ आयोजन के लिये जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की और कहा कि उनके इस कारà¥à¤¯ से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को 1857 की कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति की महानायिका वीरांगना लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समारोहपूरà¥à¤µà¤• शà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¥à¤§à¤¾-सà¥à¤®à¤¨ अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करने का अवसर पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤† है।
बलिदान मेला आयोजन समिति के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने कहा है कि उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¥‹. सोलंकी की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से सनॠ2000 से यह आयोजन पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकिया गया है। इस आयोजन के माधà¥à¤¯à¤® से हम उन सब शहीदों को जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ की आहूति इस राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की रकà¥à¤·à¤¾ और निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिये दे दी है, उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ जà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के आयोजन में गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° शहरवासियों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤—ीदारी पर à¤à¥€ हरà¥à¤· और आà¤à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया।
इससे पूरà¥à¤µ समारोह में वीरांगना अवारà¥à¤¡ और कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिवीर परिजन समà¥à¤®à¤¾à¤¨ तथा देश की सीमा पर शहीदों के परिजनों को à¤à¥€ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया।
इस अवसर पर वीरांगना लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ बलिदान मेला आयोजन समिति के संयोजक तथा पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ व लोक सेवा पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ रूसà¥à¤¤à¤® सिंह, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, विधायक नारायण सिंह कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹ व घनशà¥à¤¯à¤¾à¤® पिरौनिया, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥‚ दंदरौआ महाराज रामदासजी, संत कृपालजी सहित अनà¥à¤¯ गणमानà¥à¤¯ नागरिक, शहीदों के परिजन और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¿à¤• अधिकारियों के रूप में संà¤à¤¾à¤— आयà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤¸ à¤à¤¨ रूपला, आईजी अनिल कà¥à¤®à¤¾à¤°, कलेकà¥à¤Ÿà¤° डॉ. संजय गोयल, पà¥à¤²à¤¿à¤¸ अधीकà¥à¤·à¤• डॉ. आशीष उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे।
“कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति की जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾” महानाटà¥à¤¯ व अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ à¤à¥€ हà¥à¤†
इस गरिमापूरà¥à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में जीवित घोड़े, ऊंटों के साथ "कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति की जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾'' नामक महानाटà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ दी गई। जिसे दरà¥à¤¶à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बेहद सराहा गया। वीरांगना लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ पर केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ इस महानाटà¥à¤¯ में 110 कलाकारों ने à¤à¤¾à¤— लिया।
अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का आयोजन
इसके बाद अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ जिसमें ओज के शीरà¥à¤·à¤¸à¥à¤¥ कवि हरिओम पवार (मेरठ), विनीत चौहान (अलवर), सà¥à¤°à¥‡à¤¶ अवसà¥à¤¥à¥€ (कानपà¥à¤°), पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ (दिलà¥à¤²à¥€), कà¥à¤‚वर जावेद (कोटा), रूचि चतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ (आगरा), कमलेश शरà¥à¤®à¤¾ (इटावा), सà¥à¤¦à¥€à¤ª à¤à¥‹à¤²à¤¾ (जबलपà¥à¤°), पारà¥à¤¥ नवीन (चितà¥à¤¤à¥Œà¤¡) कावà¥à¤¯à¤¾à¤‚जलि दी।