रेप के बाद हतà¥à¤¯à¤¾
मानवीय इतिहास में सीरियल किलिंग की घटनाà¤à¤‚ काफी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हैं. 'सीरियल किलर' ठग बहराम से लेकर निठारी के सà¥à¤°à¥‡à¤‚दà¥à¤° कोली तक अनेकों नाम हमारे सामने हैं. aajtak.in à¤à¤¸à¥€ घटनाओं पर à¤à¤• सीरीज पेश कर रहा है. इस कड़ी में हम बताने जा रहे हैं अमेरिका के कà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ सीरियल किलर थियोडोर रॉबरà¥à¤Ÿ बंडी के बारे में, जिसने 30 से अधिक महिलाओं को शिकार बनाया था.
सीरियल किलर थियोडोर रॉबरà¥à¤Ÿ बंडी की खौफनाक दासà¥à¤¤à¤¾à¤¨
1- अमेरिका के कà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ सीरियल किलर टेड बंडी उरà¥à¤« थियोडोर रॉबरà¥à¤Ÿ बंडी का जनà¥à¤® 24 नवंबर, 1946 को बरà¥à¤²à¤¿à¤‚गटन में हà¥à¤† था. वह सीरियल किलर के साथ ही अपहरणकरà¥à¤¤à¤¾, रेपिसà¥à¤Ÿ, चोर और सिरफिरा अपराधी था. उसने निशाने पर अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ होती थीं. उसने 30 से अधिक महिलाओं को शिकार बनाया था.
2- वह पहले किसी महिला या लड़की का अपहरण करता. उसको अपनी हवस का शिकार बनाता. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जान से मार देता. कà¥à¤› देर बाद फिर से महिला के शव के साथ रेप करता. उसकी हैवानियत की खौफनाक कहानियां पूरे अमेरिका में कà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ थी. लोग उसके नाम तक से डरते थे.
3- टेड बंडी को महिलाà¤à¤‚ सà¥à¤‚दर और आकरà¥à¤·à¤• बताती थीं. यही वजह है कि वह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से अपने चंगà¥à¤² में फंसा लेता था. उनके साथ फà¥à¤²à¤°à¥à¤Ÿ करता और अपने वहशी मंसूबे को अंजाम देता था. वह महिलाओं के शव के साथ तबतक रेप करता, जबतक की वे सड़ नहीं जाता था.
4- बताया जाता है कि उसने अपने घर में 12 से अधिक महिलाओं के धड़ से अलग किठगठसिर इस तरह रखे थे, मानो कोई टà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ हो. वह महिलाओं की हतà¥à¤¯à¤¾ के बाद उनके सिर काटकर अपने घर में रख लेता था. इस कृतà¥à¤¯ से उसके वहशीपने का खà¥à¤¦ अंदाजा लगाया जा सकता है.
5- टेड ने अपने à¤à¤• दोसà¥à¤¤ निलà¥à¤¸à¤¨ को बताया था कि उसने पहली बार 1969 में ओसियन सिटी में à¤à¤• महिला के अपहरण का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया था. लेकिन उसने 1971 तक किसी की हतà¥à¤¯à¤¾ नहीं की थी. लेकिन इसके बाद 1974 से 1978 के बीच उसने सात राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में कई वारदात को अंजाम दिया.
6- टेड बंडी के बारे में कई कहानियां पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ हैं. अलग-अलग लोग अलग बातें बताते हैं. मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• ऑरà¥à¤Ÿ नॉरà¥à¤®à¤¨ ने बताया कि टेड ने उनसे कहा था कि 1969 में उसने अटलांटिक सिटी में दो महिलाओं का कतà¥à¤² किया था. कà¥à¤› लोगों का मानना है कि टीनà¤à¤œ में ही उसने जà¥à¤°à¥à¤® शà¥à¤°à¥‚ कर दिया था.
7- बंडी को पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने 16 अगसà¥à¤¤, 1975 को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया था. लेकिन कोरà¥à¤Ÿ में सà¥à¤¨à¤¾à¤µà¤ˆ के लिठजाते समय 7 जून, 1977 को वह कैद से à¤à¤¾à¤— निकला. 13 जून को पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने उसे फिर से गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया. इसके बाद 30 दिसंबर 1977 को वह फिर से फरार हो गया. 15 फरवरी को दोबारा पकड़ा गया.
8- 24 जनवरी, 1989 को कोरà¥à¤Ÿ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी होने के बाद उसे मौत की सजा सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ गई. फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ के जेल में उसे सà¥à¤¬à¤¹ 7 बजे इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• चेयर पर बिठाकर मौत दे दी गई. उसकी मौत के बाद जेल के बाहर लोगों को हà¥à¤œà¥‚म खà¥à¤¶à¥€ बना रहा था. पटाखे फोड़े जा रहे थे.