चाणकà¥à¤¯ की ये 7 बातें किसी रहसà¥à¤¯ से कम नहीं
चाणकà¥à¤¯ चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ मौरà¥à¤¯ के महामंतà¥à¤°à¥€ थे। वे कौटिलà¥à¤¯ नाम से à¤à¥€ विखà¥à¤¯à¤¾à¤¤ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ नंदवंश अंत किया और फिर चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ मौरà¥à¤¯ को राजा बनाया। मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤°à¤¾à¤•à¥à¤·à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इनका असली नाम 'विषà¥à¤£à¥à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤' था।
- चाणकà¥à¤¯ का जनà¥à¤® बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£ परिवार में हà¥à¤† था। पिता का नाम था चाणक जो à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• थे, यहीं से उनका नाम पड़ा चाणकà¥à¤¯à¥¤ इनका गोतà¥à¤° था कोटिल यही से इनका दूसरा नाम पड़ा कौटिलà¥à¤¯à¥¤ इनके पिता ने इनका असली नाम विषà¥à¤£à¥à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ रखा था।
- मगध सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ में नंद वंश के नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ बने। à¤à¤• दिन चाणकà¥à¤¯ और राजा धनानंद के बीच लड़ाई हो गई, राजा ने अदालत में ही चाणकà¥à¤¯ की बेइजà¥à¤œà¤¤à¥€ कर दी। चाणकà¥à¤¯ ने तà¤à¥€ अपनी चोटी खोल दी और बोला जब तक नंद सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ का नाश नहीं कर दूंगा तब तक चोटी नही बांधूंगा।
- चाणकà¥à¤¯ को दवा और खगोल विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का à¤à¥€ पूरा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ था। उसे समà¥à¤¦à¥à¤° शासà¥à¤¤à¥à¤° में महारत हासिल थी, जिससे वह किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के चेहरे के à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को देखकर ही बता देते थे कि सामने वाला कà¥à¤¯à¤¾ सोच रहा है।
- चाणकà¥à¤¯ ने हमेशा कहा कि महिलाओं पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ नहीं करना चाहिà¤à¥¤ वो कम नैतिक चरितà¥à¤° और à¤à¥‚ठबोलने वाली होती है। लेकिन यह बात सà¤à¥€ महिलाओं के लिठलागू नहीं होती।
- चाणकà¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ महिला वह है जो पवितà¥à¤° है, घर के काम में निपà¥à¤£ और अपने पति के लिठसचà¥à¤šà¥€ और वफादार हो।
- चाणकà¥à¤¯ ने सिकंदर महान से लड़ने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¤à¥€ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤•जà¥à¤Ÿ किया था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यà¥à¤µà¤¾ लड़कियों की à¤à¤• सेना à¤à¥€ बनाई जिसका नाम था विषकनà¥à¤¯à¤¾à¥¤ चाणकà¥à¤¯ ने इन लड़कियों को दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ को मारने और चूमने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके चà¥à¤‚बन में जहर होता था।
- चाणकà¥à¤¯ ने चंदà¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ मौरà¥à¤¯ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से थोड़ा-थोड़ा जहर दिया, ताकि दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ के जहरीले हमलों का उस पर कोई असर ना हो। à¤à¤• दिन चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ ने जब रानी के साथ खाना साà¤à¤¾ कर लिया जो उस समय 9 माह की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ थीं वह ज़हर से मर गईं। लेकिन चाणकà¥à¤¯ ने उसका पेट काटकर बचà¥à¤šà¥‡ को बचा लिया। इस बचà¥à¤šà¥‡ का नाम रखा गया बिंदà¥à¤¸à¤¾à¤°à¥¤