ये शखà¥à¤¸ सबà¥à¤œà¥€ की जगह खाता है ईंट
नई दिलà¥à¤²à¥€: हम सबको खाने में कà¥à¤› ना कà¥à¤› पसंद होता है, लेकिन आज आपको à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ शखà¥à¤¸ के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपना पसंदीदा खाना नहीं बलà¥à¤•ि खाने के तौर पर ईंटों के पिसे हà¥à¤ टà¥à¤•ड़े खाता है।इस शखà¥à¤¸ का नाम कमलेशà¥à¤µà¤° (45) है और वह हरिदà¥à¤µà¤¾à¤° का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ मजदूर है। 28 वरà¥à¤· की आयॠमें उसने मà¥à¤‚ह में दरà¥à¤¦ होने पर गलती से मिटà¥à¤Ÿà¥€ खा ली थी जिसके बाद उसे ईंटों को खाने की लत हो गई।कमलेशà¥à¤µà¤° रोजाना आधा किलो पतà¥à¤¥à¤° खा जाते हैं। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई परेशानी à¤à¥€ नहीं है। ना तो बीमार होते हैं और तो और उनके दांत à¤à¥€ बिलà¥à¤•à¥à¤² ठीक है। 17 साल से ईंट खाने वाले कमलेशà¥à¤µà¤° को सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और दाल खाने से à¤à¥‚ख शांत नहीं होती। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने à¤à¥€ कहा कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इससे कोई दिकà¥à¤•त नहीं है उनका पेट और दांत बिलà¥à¤•à¥à¤² ठीक है। कमलेशà¥à¤µà¤° à¤à¤• दिन की मजदूरी मातà¥à¤° 300 रà¥. मिलती है।