लेडी फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° ने कैपà¥à¤šà¤° की ये Photos, दिखाई à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महिलाओं की Life
मà¥à¤‚बई की रहने वाली महिला फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° दीपà¥à¤¤à¤¿ आसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾ ने फोटो सीरीज के जरिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाओं की लाइफ को दिखाने की कोशिश की है। 'वà¥à¤®à¤¨ ऑफ इंडिया' (WOI) नामक परà¥à¤¸à¤¨à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कई सालों तक देश के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का दौरा किया और महिलाओं से बातचीत कर उनके हालात के बारे में जाना। कà¥à¤¯à¤¾ कहना था फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° का...
दीपà¥à¤¤à¤¿ ने बताया 'वे à¤à¤• सेलà¥à¤« लरà¥à¤¨à¤° फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤° हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छोटी उमà¥à¤° से फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ का शौक था'। इसलिà¤, जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शà¥à¤°à¥‚ की तो डिसाइड किया की फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ में ही अपनी करियर बनाà¤à¤‚गी। फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोशल इशà¥à¤¯à¥‚ पर काम करने का फैसला किया और अपने लौंग टरà¥à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ का नाम रखा 'वà¥à¤®à¤¨ ऑफ इंडिया'।
पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ का मकसद महिलाओं की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करना
अपने पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के बारे में दीपà¥à¤¤à¤¿ बताती हैं कि ये मेरा परà¥à¤¸à¤¨à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ है। इसके लिठमैंने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाके को चà¥à¤¨à¤¾ है। दरअसल, उनका मानना है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में महिलाओं की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ काफी दयनीय है। खासकर गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाकों में जहां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ दमन की शिकार हैं। दीपà¥à¤¤à¤¿ का मानना है कि वो अपने पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ जरिठउनकी हालत को बदलने की कोशिश करेंगी। उनका कहना था कि जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाओं से उनकी हालत के बारे में बात की तो काफी निराशाजनक जवाब मिला। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि फैमिली और समाज के पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं की हालत बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥€ है।
à¤à¤¸à¥€ है लोगों की हालत
दीपà¥à¤¤à¤¿ बताती हैं, "पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के सिलसिले में जब वो गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के मीठापà¥à¤° सालà¥à¤Ÿ पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट पहà¥à¤‚ची तो उनकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात à¤à¤• 12 साल की लड़की à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ से हà¥à¤ˆà¥¤ मैंने देखा कि इतनी कम उमà¥à¤° में वो लड़की à¤à¤• बड़े से बकेट में नमक à¤à¤°à¤•र टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤° पर रख रही थी'। उनका कहना था कि उसके हाथ में दरà¥à¤¦ हो रहे थे, लेकिन वो लगातार काम किठजा रही थी और जब à¤à¥€ मà¥à¤à¤¸à¥‡ उसकी नजर मिलती वो मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ देती। जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ से बात की तो उसने बताया कि परिवार का गà¥à¤œà¤° बसर करने का यही à¤à¤• जरिया है।"