महिला कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² से फोन पर IG करते थे 'गंदी बात', जबरन रिटारमेंट की लटकी तलवार
छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠकैडर के सीनियर आईपीà¤à¤¸ और पà¥à¤²à¤¿à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पदसà¥à¤¤ आईजी पवन देव पर कंपलसरी रिटारमेंट की तलवार लटक रही है. à¤à¤• महिला कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² के साथ जोर-जबरदसà¥à¤¤à¥€ और बदसलूकी करने के मामले में छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠसरकार से केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी है.
यह मामला लगà¤à¤— डेड़ साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ है, जब पवन देव बिलासपà¥à¤° रेंज के आईजी थे. पवन देव पर आरोप है कि उस वकà¥à¤¤ वह à¤à¤• लेडी कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² को अपने सरकारी आवास के टेलीफोन और मोबाइल नंबरों से आधी रात फोन करके अशà¥à¤²à¥€à¤² बातें किया करते थे, तो कà¤à¥€ उससे अपने पà¥à¤°à¥‡à¤® का इजहार करते थे. लेडी कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² ने सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर गठित विशाखा कमिटी से आईजी की शिकायत कर दी, जिसके बाद कमिटी ने अपनी जांच में आईजी को दोषी पाया था.
à¤à¤• महिला आईà¤à¤à¤¸ की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ और तीन महिला आईपीà¤à¤¸ अधिकारियों वाली विशाखा कमिटी ने अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ साल à¤à¤° पहले छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠसरकार को सौंपी थी, लेकिन छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠसरकार ने महीनों बाद à¤à¥€ आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं की. उधर शिकायतकरà¥à¤¤à¤¾ लेडी कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² का आरोप था कि उसे साल à¤à¤° से परेशान किया जा रहा है और आईजी पवन देव उस पर अपनी शिकायत वापस लेने के लिठदबाव बना रहे हैं.
इस मामले में राजà¥à¤¯ सरकार की तरफ से कोताही के आरोपों के बाद केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने राजà¥à¤¯ सरकार से मामले की पूरी रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी. इसमें पवन देव के खिलाफ की गई कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की जानकारी उसे और शिकायतकरà¥à¤¤à¤¾ को देने को कहा गया है.
बता दें कि यह दूसरा मौका है जब केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने इस मामले में राजà¥à¤¯ सरकार से à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ रिपोरà¥à¤Ÿ मांगा है. इससे पहले मारà¥à¤š 2017 में गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने राजà¥à¤¯ के मà¥à¤–à¥à¤¯ सचिव से रिपोरà¥à¤Ÿ तलब किया था.
मà¥à¤‚गेली जिले की à¤à¤• महिला कांसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² ने 30 जून 2016 को आईजी पवन देव के ऊपर फोन पर अशà¥à¤²à¥€à¤² बातें करने और अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ दबाव बनाकर अपने बंगले पर बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का आरोप लगाया था. इस मामले में विशाखा कमिटी की रिपोरà¥à¤Ÿ के बावजूद कोई कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं होने से अब यह हाई पà¥à¤°à¥‹à¥žà¤¾à¤‡à¤² मामला पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€, गृहमंतà¥à¤°à¥€, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानवाधिकार आयोग और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महिला आयोग तक जा पंहà¥à¤šà¤¾ है.
इससे पहले पà¥à¤²à¤¿à¤¸ हेडकà¥à¤µà¤¾à¤Ÿà¤° में पदसà¥à¤¤ AIG à¤à¥€ इसी तरह के à¤à¤• मामले में दोषी पाठगठथे. उस दौरान AIG संजय शरà¥à¤®à¤¾ को केंदà¥à¤° सरकार के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर कंपलसरी रिटारमेंट दे दिया गया था. अब इसी तरà¥à¤œ पर आईजी पवन देव पर कंपलसरी रिटारमेंट की तलवार लटक रही है. बताया जा रहा है कि इस बार केंदà¥à¤° सरकार के गंà¤à¥€à¤° रà¥à¤– के चलते राजà¥à¤¯ का गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ विशाखा कमिटी की रिपोरà¥à¤Ÿ को जस का तस केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ को à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ की तैयारी में है.