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वेंकैया को BJP ने क्यों बनाया उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार? ये हैं 5 वजहें

नई दिल्ली. मुपावरापू वेंकैया नायडू को बीजेपी और एनडीए ने उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। वेंकैया को उनके वन लाइनर के लिए भी जाना जाता है। कुछ महीने पहले राज्यसभा में एक बहस के दौरान उन्होंने लेफ्ट के सीताराम येचुरी से कहा था- लेफ्ट इज नॉट ऑलवेज राइट। मई में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की अटकलबाजियों के बीच एक सवाल पर वेंकैया ने कहा था- 'न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति... मैं तो उषापति बनकर ही खुश हूं।' उषा दरअसल वेंकैया की पत्नी का नाम है। बहरहाल, बीजेपी ने वेंकैया को ही वाइस प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए कैंडिडेट क्यों बनाया, इसकी 5 वजहों पर एक नजर...

1) 2 साल में दक्षिण के 3 राज्यों में चुनाव
- उप राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी में जिन तीन नामों पर चर्चा हुई वे सभी दक्षिण भारत से हैं। इनमें वेकैंया आंध्र प्रदेश से हैं। उनके उपराष्ट्रपति बनने से पार्टी को कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र और तमिलनाडु में फायदा होगा। अगले 2 साल में कर्नाटक, आंध्र और तेलंगाना में चुनाव हैं। 2019 आम चुनाव के लिए भी एक रास्ता तैयार होगा।
2) राज्यसभा में सरकार के मददगार
- उप राष्ट्रपति ही राज्यसभा सभापति होता है। 4 बार राज्यसभा सांसद रहे वेकैंया को इस सदन का काफी एक्सपीरियंस है। संसदीय कार्य मंत्री भी रहे हैं। राज्यसभा में एनडीए अब भी बहुमत में नहीं है। ऐसे में मनपसंद सभापति होने से सरकार को सहूलियत मिल सकती है। खासकर उन बिलों के मामलों में, जो राज्यसभा में अटकते रहे हैं।
- नायडू पहली बार 1998 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2004, 2010 और फिर 2016 में भी यहां पहुंचे। कई पार्लियामेंट्री कमेटियों में भी नायडू रहे हैं।
3) उत्तर-दक्षिण का कॉम्बिनेशन
- दक्षिण भारत में बीजेपी की कोई खास पकड़ नहीं मानी जाती। रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना करीब-करीब तय हो चुका है। वो यूपी यानी उत्तर भारत से आते हैं। बीजेपी ये मैसेज देना चाहती है कि साउथ इंडिया उसके लिए काफी अहम है। रीजनल फैक्टर का बैलेंस बनाए रखने के लिए वेंकैया को कैंडिडेट बनाया है।
4) बीजेपी के बड़े नेताओं में से एक
- 1975 से 1977 के बीच इमरजेंसी के दौरान नायडू जेल में रहे। 1977 से 1980 के दौरान जनता पार्टी यूथ विंग के प्रेसिडेंट रहे। 1978 में ही आंध्र प्रदेश में एमएलए बने। वो साउथ में बीजेपी का सबसे मशहूर चेहरा हैं जो कभी विवादित नहीं रहा। बीजेपी ने उन्हें कितना महत्व दिया, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो दो बार पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट रहे। वाजपेयी और फिर मोदी, दोनों की सरकार में मंत्री रहे। अपोजिशन लीडर्स से भी उनके अच्छे रिलेशन माने जाते हैं।
5) सबसे सीनियर लीडर्स में से एक
- मोदी कैबिनेट को देखें तो नायडू पांचवें नंबर पर आते हैं। मोदी के बाद राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के बाद उनका नंबर आता है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी वो मंत्री थे। उन्हें मोदी के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक माना जाता है और छवि भी बेदाग रही है।
- वेंकैया नायडू को मोदी के सबसे भरोसेमंद एडवाइजर्स में से एक माना जाता है। वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर वो राज्यसभा के लिए तो फायदेमंद साबित होंगे लेकिन मोदी को उनकी सियासी तौर पर कमी महसूस हो सकती है।
ये है जीत का गणित
- उप राष्ट्रपति के चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोटिंग करते हैं।
- उप राष्ट्रपति बनने के लिए 396 वोट चाहिए।
- वोट देने वाले: लोकसभा सांसद+राज्यसभा सांसद= 790। एनडीए के पास 412 सांसद हैं।

कौन हैं वेंकैया?
- 68 साल के वेंकैया का जन्म 1 जुलाई, 1949 को नेल्लोर के चावतापालेम में हुआ था। वेंकैया का नाम सबसे पहले 1972 के जय आंध्र आंदोलन से सुर्खियों में आया था। 1974 में वे आंध्रा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट यूनियन के नेता चुने गए। इसके बाद वह आपातकाल के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के बाद ही उनका जुड़ाव जनता पार्टी से हो गया था। वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी की यूथ विंग के प्रेसिडेंट भी रहे। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए। 1978 से 85 तक वे दो बार विधायक भी रहे।
- 1980-85 के बीच वेंकैया आंध्र प्रदेश में बीजेपी पार्टी के नेता रहे।1985-88 तक जनरल सेक्रेटरी रहे। 1988-93 तक राज्य का बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया। सितंबर, 1993 से 2000 तक वे नेशनल जनरल सेक्रेटरी की पोस्ट पर भी रहे। वे 2002 से 2004 के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रेसिडेंट भी रहे।
- वेंकैया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायजेपी के करीबी थे, जिस वजह से उन्हें वाजपेयी सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का दायित्व सौंपा गया था। मोदी सरकार में वे शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन और संसदीय कार्य मंत्री रहे।
- नायडू की पत्नी का नाम एम. उषा है। परिवार में एक बेटा और दो बेटी हैं।

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