मायावती के इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¥‡ पर बोले 5 बड़े दलित नेता- à¤à¥€à¤® आरà¥à¤®à¥€ के बढ़ते कद से डर-इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ थी पà¥à¤²à¤¾à¤¨â€à¤¿à¤‚ग
लखनऊ.राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ से मायावती के इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¥‡ के बाद राजनीति में कई तरह की चरà¥à¤šà¤¾à¤à¤‚ हो रही है। इसको लेकर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दलित नेताओं से उनका रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ जानने की कोशिश की। किसी ने कहा, मायावती का राजनीतिक डà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾ खतà¥à¤® हो चà¥à¤•ा है। अब वो चाहे राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ से इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दें या देश छोड़ें, कोई दलित इनके बहकावे में नहीं आने वाला है। वहीं, कोई बोला- मायावती à¤à¥€à¤® आरà¥à¤®à¥€ के बढ़ते जनाधार से डर रही हैं। दलितों की सहानà¥à¤à¥‚ति पाने के लिठà¤à¤¸à¤¾ किया। आगे पढ़िठकिस नेता ने कà¥à¤¯à¤¾ कहा...
राम शंकर कठेरिया, केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ और चेयरमैन, अनà¥à¤¸à¥‚चित जाति
- रामशंकर कठेरिया ने कहा, मायावती को दलितों ने यूपी में 4 बार सीà¤à¤® बनाया, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सिरà¥à¤« अपनी और अपने à¤à¤¾à¤ˆ की संपतà¥à¤¤à¤¿ बनाई। दलितों के साथ मायावती ने धोखा किया। वह पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग के साथ चाल चली है। इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ देने की बात कहते ही थोड़ी ही देर में 4 पेज का इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ कैसे लिखा? वो पहले से तैयारी करके आई थी।
पीà¤à¤² पà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सांसद, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸
- मायावती को डर है कि à¤à¥€à¤® आरà¥à¤®à¥€ को दलित समाज का सरà¥à¤®à¤¥à¤¨ कैसे मिल सकता है? इस वजह से सहानà¥à¤à¥‚ति पाने के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दिया। दलितों की समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ में रहकर मिल सकता था। उनका राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ का समय अà¤à¥€ अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2018 तक था, जिसमें हजारों बार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दलितों की बात कहने का मौका मिलता, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने खो दिया। मायावती ने आज शूनà¥à¤¯ काल के दौरान बात रखी थी जिसमें कि समय मिलता ही कम है, ये नियम होता है। बोलने के लिठपरà¥à¤šà¥€ मैंने à¤à¥€ लगाई थी, लेकिन सदन में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मौका दिया गया। इस बात पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤µ होना चाहिठथा, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गलत किया। दलितों की लड़ाई सदन में रहकर लड़ी जा सकती थी। à¤à¤¾à¤—कर लड़ाई नहीं होती।
राम दास अठावले, केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€, अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·-आरपीआईà¤
- मायावती का राजनीतिक डà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾ खतà¥à¤® हो चà¥à¤•ा है। अब वो चाहे राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ से इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दें या देश छोड़ें, कोई दलित इनके बहकावे में नहीं आने वाला है। वो हताश-निराश हैं, वो अपने को दलितों की रानी कहती हैं। जनता ने इसलिठउनका साथ छोड़ दिया, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दलितों पर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° रानी ने किया। मायावती ने बेचारे गरीबों को बेवकूफ समà¤à¤•र उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹ किया।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ मौरà¥à¤¯, कैबिनेट मंतà¥à¤°à¥€
- मायावती अपने अंतिम दौर में हैं। पैसा और सतà¥à¤¤à¤¾ की à¤à¥‚खी हैं, उसके बिना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नींद नहीं आती, इसीलिठपूरे पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग के साथ इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दिया, ताकि यूपी और अनà¥à¤¯ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में होने चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सहानà¥à¤à¥‚ति मिले। अब अपने इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ का ही पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करेंगी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि और किसी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर बात करने के लिठउनके पास कà¥à¤› है ही नहीं।
कौशल किशोर, सांसद, बीजेपी
- ये मायावती की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग का हिसà¥à¤¸à¤¾ है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ में बोलने नहीं दिया जाता, ये बात à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ में कही और वहां से निकल गईं। 4 पेज का इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ तà¥à¤°à¤‚त कैसे मीडिया को दिया? इसका मतलब वो पहले से मन बनाकर आई थीं। वो जानती हैं कि उनकी पारà¥à¤Ÿà¥€ का कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आने वाले समय में राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ या विधान परिषद नहीं पहà¥à¤‚च सकता है। बाद में होने वाली इस फजीहत से बचने के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ये निरà¥à¤£à¤¯ लिया। दलितों की सहानà¥à¤à¥‚ति पाने का ढोंग सब जान चà¥à¤•े हैं। कोई पारà¥à¤Ÿà¥€ अब इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सहारा नहीं देगी, कà¥à¤¯à¥‡à¤¾à¤‚कि जिसने इनका साथ दिया, इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसको ही खतà¥à¤® कर दिया।
गंगाराम अंमà¥à¤¬à¥‡à¤¡à¤•र, पूरà¥à¤µ ओà¤à¤¸à¤¡à¥€ मायावती
- मायावती ने इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ देकर सही निरà¥à¤£à¤¯ लिया है। अब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दलितों के हक को दिलाने के लिठसड़कों पर उतरना होगा। हम बहन जी का समरà¥à¤¥à¤¨ करते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤¯à¤¾à¤— करना ही बाबा साहेब ने सिखाया है। निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर इसका फायदा मिलेगा।