RSS के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक से रायसीना हिलà¥à¤¸ तक, देखें रामनाथ कोविंद का पूरा सफर
à¤à¤¨à¤¡à¥€à¤ की ओर से उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° घोषित किठगठबिहार के पूरà¥à¤µ गरà¥à¤µà¤¨à¤° रामनाथ कोविंद देश के अगले राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ होंगे. रामनाथ कोविंद ने चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में यूपीठकी उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° मीरा कà¥à¤®à¤¾à¤° को à¤à¤¾à¤°à¥€ अंतर से हराया. रामनाथ कोविंद को जीत के लिठ5,52,243 वोट चाहिठथे, रामनाथ कोविंद 25 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पद की शपथ लेंगे. रामनाथ कोविंद को कà¥à¤² वोट 10,98903 में से 702044 मिले हैं जबकि मीरा कà¥à¤®à¤¾à¤° को 367314 वोट मिले.रामनाथ कोविंद राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक रहे, ये पहली बार होगा कि कोई सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक देश का राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ होगा. कोविंद के राजनीतिक सफर में कई मोड़ आà¤. इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कई तरह की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ. इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• समाज सेवी, à¤à¤• वकील और à¤à¤• राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सांसद के तौर पर काम किया. लेकिन इनकी पिछली पृषà¥à¤Ÿà¤à¥‚मि में जाठतो वो à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही साधारण इंसान थे.कोविंद का जनà¥à¤® 1 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 1945 को हà¥à¤† था. उनका जनà¥à¤® à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही साधारण परिवार में हà¥à¤†. उस वकà¥à¤¤ देश अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ का गà¥à¤²à¤¾à¤® था. उस समय दलित होना किसी अपराध से कम न था.कानपà¥à¤° देहात की डेरापà¥à¤° तहसील के गांव परौंख में जनà¥à¤®à¥‡ रामनाथ कोविंद ने सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में वकालत से कॅरियर की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की थी. वरà¥à¤· 1977 में जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ की सरकार बनने के बाद वह ततà¥à¤•ालीन पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोरार जी देसाई के निजी सचिव बने थे, इसके बाद à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेतृतà¥à¤µ के संपरà¥à¤• में आà¤. कोविंद ने दिलà¥à¤²à¥€ में रहकर IAS की परीकà¥à¤·à¤¾ तीसरे पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में पास की. लेकिन मà¥à¤–à¥à¤¯ सेवा के बजाय à¤à¤²à¤¾à¤¯à¤¡ सेवा में चयन होने पर नौकरी ठà¥à¤•रा दी. जून 1975 में आपातकाल के बाद जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ की सरकार बनने पर वे वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे थे. जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ की सरकार में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के जूनियर काउंसलर के पद पर कारà¥à¤¯ किया.इससे पहले à¤à¥€ वो अपनी राह में आने वाले तमाम विरोधियों को पीछे छोड़ चà¥à¤•े हैं. सबसे पहले तो कोविंद ने अपने गांव की इस गरीबी को पछाड़ा. बता दें कि गरीबी की वजह से बचपन में रामनाथ कोविंद 6 किलोमीटर पैदल चलकर सà¥à¤•ूल जाते थे और फिर पैदल ही 6 किलोमीटर वापस घर लौटते थे. गांव में रहने वाले रामनाथ कोविंद के साथियों को जहां उनकी काबिलियत पर नाज है. वहीं कोविंद की दरियादिली के à¤à¥€ वो कायल हैं. गरीबी में पैदा हà¥à¤ रामनाथ कोविंद आगे चलकर à¤à¤• नामी वकील हà¥à¤. बिहार के राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² à¤à¥€ बने, लेकिन जायदाद के नाम पर उनके पास आज à¤à¥€ कà¥à¤› नहीं है. à¤à¤• घर था वो à¤à¥€ गांववालों को दान कर दिया.पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने रामनाथ कोविंद को जीत के बाद बधाई दी. मोदी ने इस दौरान दो फोटो शेयर किà¤. पीà¤à¤® ने कोविंद के साथ अपना 20 साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤° साà¤à¤¾ की.