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गौशाला को व्यवस्थित करने बनाया जाए मास्टर प्लान

ग्वालियर । नगर निगम की गौशाला को सुव्यवस्थित करने के लिये गौशाला का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही गोबर से लकड़ी बनाने, गौ मूत्र का व्यवसायिक उपयोग करने का कार्य भी निगम करेगा। गौशाला विकास के लिये सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों से सहयोग लेने हेतु निगम जन सहयोग के लिये एक बैंक खाता खोलकर लोगों से सहयोग प्राप्त करेगा। 
गौशाला विकास के लिये संभागीय आयुक्त एस एन रूपला, कलेक्टर राहुल जैन, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बुधवार को गौशाला का भ्रमण कर उक्त आशय के निर्णय लिए हैं। भ्रमण के दौरान विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश जादौन, एसडीएम एच बी शर्मा, उपसंचालक पशु चिकित्सा त्रिपाठी, समाजसेवी भूपेन्द्र जैन सहित विभागीय अधिकारी और गौशाला के संतगण उपस्थित थे। 
संभागीय आयुक्त एस एन रूपला ने कहा कि नगर निगम द्वारा गौशाला का संचालन किया जा रहा है। गौशाला में 5 हजार से अधिक पशुधन है। पशुधन की देखरेख के लिये शासन के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों का सहयोग भी लिया जाना चाहिए। इसके लिये नगर निगम जन सहयोग हेतु एक बैंक खाता खोले। इस बैंक खाते का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि सामाजिक संस्थायें और गणमान्य नागरिक गौशाला में सहयोग कर सकें। जन सहयोग में जो राशि प्राप्त होगी, उतनी ही राशि कलेक्टर द्वारा जन भागीदारी के तहत प्रदान की जायेगी। उक्त राशि का उपयोग गौशाला विकास में किया जाए। रूपला ने कहा कि जो लोग भी गौशाला में सहयोग करना चाहते हैं वे वस्तु के रूप में न कर धन के रूप में उक्त खाते में राशि जमा करायें, ताकि आवश्यकतानुसार गौशाला में व्यवस्थायें की जा सकें। 
संभागीय आयुक्त रूपला ने कहा कि गौशाला के विकास के दृष्टिगत शहर के बाहर भी गौशाला हेतु स्थान आरक्षित करने का कार्य प्रशासन करे। उन्होंने कहा कि जिले में गौ अभ्यारण्य बनाने का कार्य भी किया जाना चाहिए। गौ अभ्यारण्य के लिये शासकीय भूमि की उपलब्धता हेतु कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में उप संचालक पशु चिकित्सा, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और नगर निगम के इंजीनियर को रखा गया है। यह कमेटी ग्राम बन्हेरी और कोटरा दोनों स्थानों का दौरा कर अपना प्रतिवेदन 15 दिन में कलेक्टर को प्रस्तुत करे। प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर गौ अभ्यारण्य  à¤•े लिये जमीन उपलब्ध कराने की कार्रवाई करे। 
उन्होंने नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा को कहा कि गौशाला में पशुओं की संख्या के दृष्टिगत पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में गौशाला में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। गौशाला के लिये पृथक से पेयजल पाइपलाईन डालने का कार्य निगम करे। इसके साथ ही एक ट्यूबवेल खनन का कार्य भी कराया जाए, ताकि गौशाला में पानी की समस्या से निजात मिल सके। 
कलेक्टर राहुल जैन ने भ्रमण के दौरान गौशाला की व्यवस्थाओं को देखा और व्यवस्था में और सुधार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गौशाला में उपलब्ध गोबर से गोबर की लकड़ी बनाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उक्त लकड़ियाँ शहर के सभी मुक्तिधामों में विक्रय हेतु भेजी जाएँ। इसके साथ ही गौ मूत्र से फिनाइल बनाने का कार्य भी निगम करे, ताकि निगम को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सके। जैन ने गोबर की खाद का विक्रय भी किसानों को भूसे के बदले करने की सलाह दी। 
कलेक्टर जैन ने गौशाला की सम्पूर्ण भूमि का राजस्व विभाग के अमले के माध्यम से सीमांकन करने के निर्देश दिए। गौशाला की भूमि पर सीमांकन के दौरान अगर कोई अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाने के निर्देश भी राजस्व अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने गौशाला में स्थापित पशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को चिकित्सालय में दवायें और उपकरण आवश्यकतानुसार रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही गौशाला में कृत्रिम गर्भाधान के कार्य को भी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दिए गए। 
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश जादौन ने कहा कि गौशाला के विकास के लिये शहर की सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों ने आगे बढ़कर भरपूर सहयोग दिया है। गायों की देखभाल के लिये दान देने वालों की कमी नहीं है। आवश्यकता सही लोगों तक पहुँचने की है। उन्होंने कहा कि निगम जन सहयोग हेतु बैंक खाता खोलें, अधिक से अधिक सहयोग करें, इसके प्रयास हम सब मिलकर करेंगे। 
नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने कहा कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर नगर निगम प्रति वर्ष 5 करोड़ रूपए व्यय करता है। इसके साथ ही गौशाला में विभिन्न निर्माण कार्यों पर भी 2 से 3 करोड़ रूपए की राशि व्यय की जाती है। उन्होंने कहा कि गौशाला में छोटे-छोटे वस्तुओं को सहयोग के रूप में प्राप्त करने के स्थान पर निर्माण कार्यों में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिये सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों से निगम अपील करेगी। इसके साथ ही जन सहयोग हेतु एक खाता निगम शीघ्र खोलेगा। 
विनोद शर्मा ने कहा कि गौशाला में कर्मचारियों की हाजिरी के लिये शीघ्र ही बायोमैट्रिक मशीन लगाई जायेगी। इस मशीन के माध्यम से सुबह और शाम कर्मचारियों की उपस्थिति ली जायेगी। उपस्थिति के आधार पर ही कर्मचारियों का वेतन प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर जैन समाज की ओर से विद्यासागर जी के नाम से एक पशु शेड बनवाने की घोषणा जैन समाज के अध्यक्ष पियूष जैन द्वारा की गई।

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