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शवयात्रा प्रारंभ 4 बजे होगा भय्यू महाराज का अंतिम संस्कार -देखें श्रद्धांजलि देखें

इंदौर । भय्यू महाराज का अंतिम संस्कार लगभग 4 बजे किया जाएगा। महाराष्ट्र के कुछ मंत्री और नेताओं के दोपहर 2.30 बजे तक इंदौर पहुंचने की संभावना है। शवयात्रा अंतिम संस्कार के लिए आश्रम से भमोरी स्थित श्मशान घाट के लिए रवाना हो गई है। बेटी कुहू भय्यू महाराज की पार्थिव देह को मुखाग्नि देगी । अंतिम यात्रा को मुक्तिधाम तक पहुंचने में करीब एक घंटा लगेगा इसके बाद शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न होगा। जिस गाड़ी में भय्यू महाराज की पार्थिव देह को रखा गया है उसको फूलों से सजाया गया है।

 

 
 
 
 
भय्यू महाराज की शवयात्रा आश्रम से रवाना
 
 
 

 

उनकी चिता को बेटी कुहू मुखाग्नि देगी।इससे पहले उनकी पार्थिव देह को बॉम्बे हॉस्पिटल से उनके निवास स्थान स्कीम नंबर 74 स्थित आवास 'शिवनेरी' में लाया गया। यहां से पार्थिव देह को सूर्योदय आश्रम ले जाया गया। जहां पर बड़ी संख्या में उनके शिष्य उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे। भय्यू महाराज कोे श्रद्धांजलि देने वालो में रामदास अठावले और पंकजा मुंडे भी शामिल है। भय्यू महाराज के अंतिम दर्शनों के लिए देश- विदेश खासकर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंच रहे हैं।

 

भय्यू महाराज के शव के पास उनकी बेटी कुहू, पत्नी आयुषी और परिवार के सदस्य मौजूद है। आश्रम में पार्थिव देह को दर्शन के लिए रखे जाने के बाद बड़ी संख्या में भक्त उनके अंतिम दर्शनों के लिए आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ' बाबा साहब आम्बेडकर के प्रति भय्यू महाराज की अगाध श्रद्धा थी उनके असामयिक निधन से देश को क्षति हुई है।' मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ' भैय्यू जी महाराज के द्वारा आत्म हत्या करने के समाचार सुन कर विश्वास नहीं हुआ। वे नेक धार्मिक इंसान थे। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन जैसा व्यक्ति आत्म हत्या कर सकता है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

 

भय्यू महाराज की पार्थिव देह को श्रद्धांजलि देने वालों में डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनिस के ओएसडी श्रीकांत,विधायक रमेश मेंदोला, और महेन्द्र हार्डिया शामिल है।

 

दुनिया को जिंदगी का संदेश देकर तनाव से निजात दिलाने वाले संत भय्यू महाराज तनाव से खुद हार गए और तनाव उनके ऊपर इस हद तक हावी हुआ कि उन्होने जिंदगी को अलविदा कहने का मन बना लिया। कल उन्होंने गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत की खबर आने के बाद देर रात तक श्रद्धांजलि का सिलसिला चलता रहा।

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