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राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस की मांग, रद्द हो क्रॉस वोटिंग करने वाले 2 विधायकों के वोट

गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान पूरा हो चुका है. गांधीनगर में चुनाव अधिकारी ने बताया कि सभी 176 विधायकों ने अपने वोट डाल दिए हैं. इस बीच कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने 2 विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की है.

कांग्रेस का आरोप है कि दोनों विधायकों ने अपने बैलेट पेपर बीजेपी के प्रिसाइडिंग ऑफिसर को दिखाए. इन विधायकों के नाम भोलाभाई गोहिल और राघवजी पटेल हैं. अगर इन दोनों विधायकों के वोट रद्द होते हैं, तो बीजेपी के समीकरण बिगड़ सकते हैं. हालांकि, बीजेपी इन वोटों को सही बता रही है. फिलहाल दोनों पार्टियां चुनाव आयोग के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं.

गिनती में देरी

कांग्रेस की इस मांग का असर वोटों की गिनती पर भी पड़ता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि जब तक ये पूरा मामला वीडियो देखकर सुलझा नहीं लिया जाता, तब तक वोटों की गिनती शुरू नहीं हो पाएगी. हालांकि, इस विवाद से पहले वोटिंग पूरी होने के बाद शाम 6 बजे तक नतीजे आने की संभावना जताई गई थी.

तीन सीट, चार उम्मीदवार

बता दें कि राज्यसभा की तीन सीटों पर चार उम्मीदवार खड़े हैं. बीजेपी की ओर से अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत पक्की मानी जा रही है. लड़ाई तीसरी सीट को लेकर है, जिस पर कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल उम्मीदवार हैं. इस सीट पर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बलवंत सिंह राजपूत उम्मीदवार हैं. बलवंत सिंह राजपूत सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक हुआ करते थे.

NCP का वोट बंटा

कांग्रेस विधायकों की बगावत के अलावा एनसीपी ने भी कांग्रेस को झटका दिया है. एनसीपी ने बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान कर दिया है. हालांकि, बाद में एनसीपी के एक विधायक ने यूपीए के साथ रहने का दावा किया. वहीं दूसरी तरफ जेडीयू के एक विधायक ने भी कांग्रेस के पक्ष में वोट करने का दावा किया है.

कांग्रेस ने किया जीत का दावा

कांग्रेस महासचिव और गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने दावा किया कि अहमद पटेल को 45 वोट मिलेंगे. गहलोत का दावा है कि 43 कांग्रेसी विधायकों, एक जेडीयू और एक एनसीपी के विधायक ने अहमद पटेल को वोट दिया. इस तरह 45 वोटों के साथ उनकी जीत निश्चित है. कांग्रेस का मानना है कि शंकर सिंह वघेला समेत 8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की.

कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर

कांग्रेस के लिए ये लड़ाई इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि 65 विधायकों के साथ कांग्रेस ने इस राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और प्रभावशाली नेता अहमद पटेल को उम्मीदवार बनाया था. मगर 6 विधायकों के इस्तीफे और कई नेताओं के संपर्क से बाहर होने के कारण कांग्रेस का सियासी गणित गड़बड़ हो गया है. हालांकि पिछले 10 दिनों से कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों को पहले बंगलुरु और अब आनंद के रिजॉर्ट में रखकर लड़ाई में बने रहने की कोशिश की है लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.

क्या है सीटों का गणित

 

गुजरात से राज्यसभा की तीसरी सीट पर अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 मत चाहिए. उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग नहीं करता है या ‘उपयुक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उस स्थिति में भी कांग्रेस को पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त मत की जरूरत होगी.

संकट का वाघेला कनेक्शन

हाल ही में कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करने वाले शंकर सिंह वाघेला की भूमिका भी इस लड़ाई में काफी अहम है. वाघेला ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान भले ही किया है लेकिन वाघेला और उनके बेटे ने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है. बलवंत राजपूत वाघेला के रिश्तेदार हैं.

क्यों अहम है ये चुनाव

गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की इस चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं. बीजेपी के लिए जहां ये अपना बर्चस्व बढ़ाने की कोशिश होगी वहीं कांग्रेस के लिए अपनी प्रतिष्ठा बचाने की जंग होगी.

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