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शिक्षक की भूमिका में सरकारी स्कूल पहुँचे मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल :  

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मिल बांचे मध्यप्रदेश अभियान के अन्तर्ग्रत आज शिक्षक के रूप में भोपाल में मैनिट परिसर में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में बच्चों को पढ़ाने पहुँचे। श्री चौहान ने किस्से-कहानियों के माध्यम से बच्चों को जीवन में सफलता के सूत्रों का ज्ञान दिया। प्रदेश में आज दो लाख 15 हजार से भी अधिक प्रबुद्धजनों ने विभिन्न शासकीय विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया।

थैंक्यू शिवराज मामाजी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की बच्चों के बीच अपनत्व और स्नेह की बानगी कार्यक्रम में दिखाई दी। मुख्यमंत्री जब बच्चों को उपहार में पुस्तकें भेंट करते, तब बच्चे बेझिझक थैंक्यू मामाजी कहते थे। ऐसे ही वे जब मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के संबंध में बता रहे थे, तब उन्होंने बच्चों से पूछा कि यदि मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस के लिए घर में पैसे नहीं होंगे तब फीस कौन भरवाएगा। उनके इस प्रश्न का उत्तर पूरी कक्षा ने सामूहिक रूप से एक स्वर में दिया, 'शिवराज मामाजी'!

 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूली बच्चों के साथ अत्यंत सरल और प्रभावशाली संवाद किया। बच्चों को अच्छे काम करने के लिये प्रेरित करते हुये श्री चौहान ने कहा कि उन्ही लोगों का जीवन सफल है जो स्वयं के साथ देश और समाज की उन्नति में भी सहयोगी हों। मुख्यमंत्री ने बच्चों को समझाया कि पुस्तकों से मिलने वाले ज्ञान को आचरण में उतारना चाहिये। छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही व्यक्ति को महान बनाती हैं। श्री चौहान ने बच्चों को बड़ों का सम्मान करने, सदैव सच बोलने, स्वच्छता का पालन करने और पौधरोपण करने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम करने के साथ ही खेलने और मित्रों के साथ समय व्यतीत करना भी जरूरी होता है। ऐसा करने से मन प्रसन्न, शरीर स्वस्थ और दिमाग मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छे अंक लाने के लिये प्रोत्साहित करते हुए बताया कि 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले बच्चों की स्नातक स्तर की शिक्षा के लिये अब फीस सरकार द्वारा भरवायी जायेगी।  

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