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लखनऊ में खुलेंगी आतंकी फंडिंग की फाइलें, NIA के पास अहम दस्तावेज

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की फंडिंग को लेकर खुफिया एजेंसी एनआईए के हाथ अहम दस्तावेज लगे हैं. एनआईए की टीम कश्मीर से जमा किए दस्तावेजों को लखनऊ लेकर आई हैं.

 à¤¬à¤¾à¤¤ यह है कि जांच के लिए लाए गए कागजात को एएन-32 विमान के जरिए लखनऊ पहुंचाया गया. यह सभी दस्तावेज उरी के सलामाबाद और पुंछ के चकंदबाग से जमा किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक 27 टिन के बक्सों में भरकर इन दस्तावेजों को लखनऊ पहुंचाया गया है.

पाकिस्तान की ओर से आंतिकयों की फंडिंग पर इन दस्तावेजों में अहम सुराग खंगाले जाएंगे. इनमें 2008 से आतंकियों की फंडिग के लिए की गई फर्जी बिलिंग से जुड़े सबूत भी शामिल हैं. आतंकी फंडिंग का पता लगाने के लिए एनआईए ने LOC क्रॉस ट्रेडिंग की फाइलों की जांच शुरु कर दी है.

एनआईए की अलग-अलग टीमों ने करीब 15 दिनों तक मुहिम चलाकर यह दस्तावेज जमा किए हैं जिनकी जांच लखनऊ की एनआईए टीम को सौंपी गई है. अब एनआईए के अधिकारी इन कागजातों की बारीकी से जांच कर सीमापार से हो रही आतंकी फंडिंग की तह तक जाने की कोशिश करेंगे.

जानकारी के मुताबिक सीमापार से अलगाववादियों और आतंकियों को फंडिंग की जाती थी. जांच में जिन लोगों के नाम का खुलासा होगा उन पर आतंकवाद रोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक NIA को शक है कि 2008 से चल रही इस ट्रेडिंग में कई अधिकारी और कुछ राजनेता भी शामिल हैं जो ट्रेडिंग कंपनियों के सहारे पाकिस्तान से ग़ैरकानूनी तरीके से आए पैसे के खेल में शामिल हो सकते हैं.

एनआई को शक है कि उरी और पुंछ में भारत-पाकिस्तान ट्रेडिंग पॉइंट से बादाम के नाम पर पैसे कमाने का खेल चल रहा था जिसे आतंकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था. दोनों पॉइंट पर बार्टर सिस्टम यानी कि अदला-बदली के तहत व्यापार होता है. बादाम, केला, शॉल और एम्ब्रायडरी के नाम पर बढ़े हुए बिलों के जरिये घाटी में पैसा पहुंचाया जाता था.

आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में सामन भेजने का समझौता हुआ था. सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में आतंक को बढ़ावा देने के लिए इस ट्रेड पॉइंट से लाखों की फंडिंग होने का शक है.

 

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