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डिजिफेस्ट-टाई समिट राजस्थान: एमपी सीएम मोहन यादव बोले, राजस्थान पाकिस्तान थोड़े ही है, 7 प्रतिशत पानी भी देंगे

जयपुर में आयोजित डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में शामिल होने सोमवार को मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव भी पहुंचे। यहां उन्होंने पहले राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के आवास पहुंचकर उनसे औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद वे कार्यक्रम में शामिल होने जेईसीसी पहुंचे। मध्य प्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में दीप प्रज्वलन करते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह एक छोटा सा दीप अंधकार दूर करता है, उसी तरह हमारे नवाचार और संकल्प समाज में बदलाव लाएंगे।टाई राजस्थान के सहयोग से आयोजित इस समिट में देश-विदेश से हजारों विजनरी, निवेशक और स्टार्टअप फाउंडर शामिल हो रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने अपने भाषण में राजस्थान के उद्यमियों को एमपी में निवेश का न्यौता दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि का केंद्र नहीं है, बल्कि आईटी और स्टार्टअप्स के लिए एक पावर हाउस बन रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच गहरे सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध हैं। उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब 'इन्वेस्टमेंट हब' के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि आईटी, एआई और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने स्टार्टअप्स को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।सीएम यादव ने कहा कि बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों के बाद अब विकास की अगली लहर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों से आ रही है। ये शहर कम लागत और बेहतर टैलेंट रिटेंशन के साथ आईटी कंपनियों के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार निवेशकों को स्पष्ट नीतियां और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का वातावरण प्रदान कर रही है। मध्य प्रदेश अब एक 'ट्रस्टेड प्लेटफॉर्म' के रूप में तैयार है।उन्होंने 15 जनवरी को भोपाल में होने वाले 'मध्य प्रदेश AI इम्पैक्ट समिट' के लिए सभी को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि एआई भविष्य की तकनीक है और मध्य प्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह समिट भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मोहन यादव ने एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों से बात की। उन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच चल रहे जल विवाद पर बड़ा बयान दिया है। जयपुर में आयोजित डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश परमात्मा की कृपा से साझा विरासत और साझा सभ्यता वाले राज्य हैं। नदियों के मामले में मध्य प्रदेश थोड़ा भाग्यशाली जरूर है, क्योंकि प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं, जबकि राजस्थान को इस मामले में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब 25 वर्षों से दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर विवाद चला आ रहा है। कभी कहा गया कि 5 प्रतिशत पानी क्यों दिया जाए और कभी यह भी कहा गया कि पानी नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार में आने के बाद उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मुद्दे पर बातचीत की। मोहन यादव ने कहा कि भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में पानी और औद्योगिक विकास से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश 5 प्रतिशत ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ी तो 7 प्रतिशत पानी देने को भी तैयार है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कोई अलग देश नहीं है, वह भी हमारा ही प्रदेश है।




 

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