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वायु सेना के हेलीकॉप्टर से होगी बाघिन की राजस्थान शिफ्टिंग, बांधवगढ़ में ट्रायल के साथ तैयारी तेज

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को राजस्थान के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में सोमवार को गुरुवाही हेलीपैड पर भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर ट्रायल के लिए उतारा गया। यह ट्रायल पूरी शिफ्टिंग योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है, ताकि बाघिन को सुरक्षित और तय समय में नए ठिकाने तक पहुंचाया जा सके।जैसे ही वायुसेना का हेलीकॉप्टर गुरुवाही हेलीपैड पर उतरा बांधवगढ़ की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम ने हेलीकॉप्टर की लैंडिंग, टेकऑफ, लोडिंग प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग भी हेलीकॉप्टर देखने पहुंच गए, जिससे हेलीपैड क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल बढ़ गई।अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रेस्क्यू के बाद बाघिन को बिना किसी जोखिम के हवाई मार्ग से ले जाया जा सके। इसके लिए क्रेट की फिटिंग, वजन संतुलन, उड़ान समय और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया। साथ ही मेडिकल टीम की भूमिका और बाघिन को शांत रखने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि यह ट्रायल विशेष रूप से राजस्थान शिफ्टिंग को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि चिन्हित की गई बाघिन को जल्द ही रेस्क्यू किया जाएगा और सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। यह कदम दोनों राज्यों के वन विभागों के आपसी समन्वय से उठाया जा रहा है।

मुकुंदरा में बढ़ेगी बाघों की संख्या
वन विभाग के अनुसार, बाघिन की शिफ्टिंग से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और आनुवंशिक विविधता को मजबूती मिलेगी। वहीं, बांधवगढ़ में भी प्रबंधन संतुलन बनाए रखने में यह निर्णय सहायक होगा। फिलहाल वन विभाग, वायु सेना और अन्य संबंधित एजेंसियां इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं, ताकि बाघिन का यह सफर पूरी तरह सुरक्षित और सफल हो सके।




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