सरकार की मंशा है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से सभी वर्गों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले, जिससे आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी को राजनीतिक लाभ मिल सके। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले 45 निगम-मंडलों और बोर्डों में की गई पूर्ववर्ती नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। तब से अब तक इन संस्थाओं में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है।
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के संकेत, निगम-मंडलों में जल्द नियुक्तियां; कार्यकर्ताओं की उम्मीदें बढ़ीं
मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के रिक्त पदों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निगम-मंडलों सहित संगठन और सरकार में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। उनके इस बयान के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जगी है। बता दें भाजपा ने गुरुवार को प्रदेश अनुसूचित जनजाति प्रदेश प्रभारी और कार्यसमिति के पदाधिकारियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी किए है। खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी के लिए संगठन और सत्ता दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। उनका मानना है कि जिम्मेदारी चाहे संगठन की हो या शासन की, हर पद का अपना महत्व होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों में भी नियुक्तियां की जानी हैं, ताकि कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका मिल सके। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को मजबूत किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, संगठन और सत्ता से जुड़े सभी रिक्त पदों पर एक साथ नियुक्ति करने की तैयारी चल रही है। यही कारण है कि प्रक्रिया में कुछ विलंब हो रहा है। बताया जा रहा है कि सूची को अंतिम रूप देने और संतुलन साधने के लिए मंथन जारी है, ताकि क्षेत्रीय और संगठनात्मक समीकरणों का ध्यान रखा जा सके। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के इस बयान के बाद लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं के बीच अब उम्मीद बढ़ गई है कि उन्हें संगठन या निगम-मंडलों में जिम्मेदारी मिल सकती है।