पीएम मोदी की तस्वीर हटाने पर अमित ठाकरे के खिलाफ FIR, बोले- ‘मुझे अपने फैसले पर गर्व’
पुणे। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में पीएम मोदी की तस्वीर हटाए जाने के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे और उनके साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले के बाद अमित ठाकरे ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इस कार्रवाई पर गर्व है।
अमित ठाकरे, MNS प्रमुख राज ठाकरे के बेटे हैं। वह छात्रों से मुलाकात और पार्टी के सदस्यता अभियान के सिलसिले में शिवाजीनगर स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान कॉलेज कार्यालय की दीवार पर लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लेकर विवाद शुरू हुआ।
शिवाजी महाराज और आंबेडकर की तस्वीरों के बीच PM मोदी की फोटो पर आपत्ति
अमित ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों के ठीक बगल में लगाई गई थी। उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई और अपने साथ आए लोगों से पीएम मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। इसके बाद तस्वीर को वहां से उतार दिया गया।
मीडिया से बातचीत में अमित ठाकरे ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की वही तस्वीर हटवाई, जो शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों के पास लगी थी।
अमित ठाकरे ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पहला मामला छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े मुद्दे पर दर्ज हुआ था, जबकि अब दूसरा मामला डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों मामलों पर गर्व है।
BJP ने कार्रवाई को बताया गलत, FIR की मांग के बाद मामला दर्ज
घटना के सामने आने के बाद बीजेपी ने अमित ठाकरे के कदम की कड़ी आलोचना की। पार्टी प्रवक्ता नवनाथ बन ने प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाए जाने को अपमानजनक बताते हुए अमित ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी।
वहीं शिवसेना (UBT) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि अमित ठाकरे का विरोध प्रधानमंत्री की तस्वीर के खिलाफ नहीं, बल्कि उसे शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ लगाए जाने को लेकर था। उनका कहना था कि ठाकरे ने यह नहीं कहा कि सरकारी संस्थान में प्रधानमंत्री की तस्वीर हो ही नहींनी चाहिए।
कॉलेज प्रशासन की शिकायत के बाद FIR
इस मामले में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से जुड़े डॉ. राजेंद्र पाटिल ने चतुःश्रृंगी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, अमित ठाकरे के साथ करीब 20 से 25 MNS कार्यकर्ता, पदाधिकारी और अन्य लोग कॉलेज परिसर में पहुंचे थे।
आरोप है कि दोपहर करीब 12:30 बजे के आसपास समूह कॉलेज कार्यालय में पहुंचा और प्रधानमंत्री की तस्वीर का फ्रेम नीचे उतार दिया गया। शिकायत में कर्मचारियों को धमकाने, नारेबाजी करने और परिसर में हंगामा करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने अमित ठाकरे और अन्य MNS कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों में आपराधिक अतिक्रमण, गैरकानूनी जमावड़ा, लोक सेवक के काम में बाधा और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है।
विवाद के बाद फिर लगा दी गई PM मोदी की तस्वीर
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को दोबारा उसी स्थान पर लगा दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी जहां इसे प्रधानमंत्री के सम्मान से जोड़कर देख रही है, वहीं MNS और उसके समर्थक तस्वीर को शिवाजी महाराज और डॉ. आंबेडकर की तस्वीरों के साथ लगाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।
अब इस मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है।