Homeराज्यो से ,खास खबरे,
रईस बनने की जिद में बना नटवरलाल, पढ़ें 3700 करोड़ के ठग की पूरी कहानी

सात लाख लोगों से 37 सौ करोड़ की ठगी करने वाले अनुभव मित्तल को बचपन से स्कूल टॉप करने का शौक था तो बड़ा होने के बाद उसे धनवान बनने की जिद हो गई थी। इसके कारण वह कंप्यूटर शिक्षा को छोड़कर नोएडा चला गया था। नोएडा में पहुंचने के बाद उसने कई बार नई-नई कंपनियां बनाने के लिए पैसे का दबाव बनाया तो परिवार ने उसे बेदखल कर दिया था। 

3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने वाला अनुभव मित्तल ऐसे चलाता था धंधा

हापुड़ की औद्योगिक नगरी पिलखुवा के कृष्णगंज में मध्यम वर्गीय परिवार के मुखिया वेदप्रकाश मित्तल की परचून की दुकान है। उनके बेटे सुनील मित्तल ने इलेक्ट्रिकल सामान की दुकान खोल ली। सुनील के दो बेटे और एक बेटी हैं, जिसमें अनुभव मित्तल बड़ा बेटा है। अनुभव बचपन से इंटर तक पिलखुवा के एक स्कूल में पढ़ा है। उसने अपनी कक्षा और स्कूल में टॉप करके काफी नाम रोशन किया था। इंटर के बाद उसने कंप्यूटर की शिक्षा ग्रहण करते हुए पिलखुवा में ही कंप्यूटर का काम करना शुरू कर दिया था। देर शाम को वेदप्रकाश मित्तल अपनी परचून की दुकान पर सामान बेच रहे थे जबकि पिता सुनील मित्तल की दुकान बंद पड़ी हुई थी। पता चला कि सुनील पता नहीं कहां गया है। आज वह शहर में नहीं है। 

उन्होंने बताया कि अनुभव गाजियाबाद में अपने बच्चों के साथ रहता है। यह नहीं पता कि वह क्या काम करता है। दादा वेदप्रकाश के अनुसार तीन साल पहले अनुभव को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। अनुभव गाजियाबाद में ही अपने परिवार के साथ रहा था। इसके बाद उसने कंपनी बनाई और अपना यह काम शुरू कर दिया। साढ़े 6 लाख लोगों को जोड़कर वह धनवान बन गया।

Share This News :