यूपी चà¥à¤¨à¤¾à¤µ: à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सीट, जहां बीजेपी और कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का कैंडिडेट मैदान में ही नहीं
यहां à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ विधानसà¤à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है, जहां इस विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में पहली बार बीजेपी और कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कैंडिडेट मैदान में ही नहीं हैं। इसकी वजह बीजेपी-à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समाज पारà¥à¤Ÿà¥€) का अलायंस है। इस अलायंस के चलते बीजेपी की सीट राजà¤à¤°à¥‹à¤‚ की पारà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ के खाते में चली गई है। वहीं, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सीट सपा के खाते में गई है। बता दें, यूपी के छठें फेज के लिठ7 जिलों की 49 सीटों पर 4 मारà¥à¤š को वोटिंग होनी है। इसमें बलिया à¤à¥€ शामिल है।
- गांव में बीजेपी पर à¤à¥€ चरà¥à¤šà¤¾ हो रही है, à¤à¤²à¥‡ उसका कोई कैंडिडेट मैदान में नहीं है। दरअसल, पूरà¥à¤µà¤¾à¤‚चल के जातीय समीकरण को देखते हà¥à¤ बीजेपी ने राजà¤à¤°à¥‹à¤‚ की कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ पारà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ से अलायंस किया और बांसडीह विधानसà¤à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उनके कैंडिडेट चà¥à¤¨à¤¾à¤µ मैदान में उतरे।
- à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ के कैंडिडेट à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ के ही राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· ओमपà¥à¤°à¤•ाश राजà¤à¤° हैं, जो इस इलाके के नहीं हैं और वो पहली बार चà¥à¤¨à¤¾à¤µ मैदान में हैं। इस वजह से पहचान की à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ उनके सामने है। हालांकि, वे कहते हैं कि जनता उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जिताà¤à¤—ी।
- à¤à¤¸à¤¾ माना जा रहा है कि बीजेपी अलायंस के लिठये रासà¥à¤¤à¤¾ इतना आसान नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहां 2012 में बीजेपी की कैंडिडेट रहीं केतकी सिंह पारà¥à¤Ÿà¥€ के टिकट की पà¥à¤°à¤¬à¤² दावेदार थीं।
- लेकिन सीट अलायंस में à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ के खाते में जाने के बाद वो निरà¥à¤¦à¤²à¥€à¤¯ कैंडिडेट के तौर पर चà¥à¤¨à¤¾à¤µ मैदान में हैं।
- कहा जा रहा है कि वे कड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ इसलिठà¤à¥€ दे सकती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस इलाके से वे दो बार चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ चà¥à¤•ी हैं। पूरे गांव को जानती हैं, वहीं, à¤à¤¾à¤¸à¤ªà¤¾ के कैंडिडेट इस इलाके के ही नहीं हैं। उनके विरोधी इसी को मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ à¤à¥€ बना रहे हैं।
- केतकी सिंह कहती हैं, "वो बाहर के हैं, जनता ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर का रासà¥à¤¤à¤¾ दिखा दिया है, चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के बाद वो बाहर ही चले जाà¤à¤‚गे।''
- पाठक के बाद यहां रामगोविंद चौधरी की à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ वे यहां 2002 में चà¥à¤¨à¤¾à¤µ जीते। मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® मंतà¥à¤°à¤¿à¤®à¤‚डल में मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ रहे, लेकिन 2007 में चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हार गà¤à¥¤
- हालांकि, वे 2012 में दोबारा सपा से जीते और मंतà¥à¤°à¥€ बने। वे हमेशा कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के खिलाफ लड़ते रहे। इस बार à¤à¥€ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कई दावेदार थे, लेकिन ये सीट अलायंस के चलते उनके पास ही रही।