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गौ हत्या के पाप से डरी कांग्रेस ने भड़काई हिंसा : कैलाश विजयवर्गीय

गौ हत्या के पाप से डरी कांग्रेस के नेता प्राश्चियत करने की बजाय किसानों की आड़ में हिंसा भड़का रहे हैं। मध्य प्रदेश में किसानों की मांगों को लेकर रास्ते रोकने, à¤µà¤¾à¤¹à¤¨à¥‹à¤‚ में तोड़फोड़ करने, à¤†à¤— लगाने, à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤¸ पर पथराव करने, à¤¸à¤°à¤•ारी अधिकारियों के साथ मारपीट करने की घटनाओं में कांग्रेस के नेता शामिल हैं। यह आरोप मेरी तरफ से ही नहीं लगाए गए हैं बल्कि मीडिया की तरफ से दिखाए गए वीडियो को पूरे देश ने देखा है। किस तरह से कांग्रेस के नेता जनता को भड़काने के लिए गालियां दे रहे हैं। कांगेस के एक नेता ने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को सांची प्लांट में रखा हजारों लीटर दूध फैलाने के लिए भड़काया। कांगेस के नेता मध्य प्रदेश में किसानों की आड़ में गौ हत्या से नाराज जनता की नाराजगी से बचने के लिए ही हिंसा और आगजनी पर उतारू हो गए हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तो अब केवल छाती पीटो नेता के रूप में स्थापित हो गए हैं। 

बिगड़े हालातों को और बिगाड़ने के fy, राहुल गांधी मन्दसौर आने के लिए अड़े रहे। प्रशासन ने तनावपूर्ण हालत को काबू करने के मद्देनजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मंदसौर आने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था।  इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया, लेकिन राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कह दिया है कि वह गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने मंदसौर जाएंगे। पहले तो राहुल गांधी गोलीकांड में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए बुधवार को ही मंदसौर जाने वाले थे,लेकिन  किन्हीं कारणों कार्यक्रम रद्द हो गया था। यानी कांग्रेस के नेता हिंसा को और भड़काना चाहते हैं। शांति की बजाय लोगों को भड़काया जा रहा है। लोगों को भड़काने के लिए ही राहुल गांधी उदयपुर होते हुए मंदसौर पहुंचे। अब यह प्रदर्शन किसानों का नहीं है, कांग्रेसियों का है। à¤•ांग्रेसियों ने à¤®à¤‚दसौर, à¤¦à¥‡à¤µà¤¾à¤¸, à¤¨à¥€à¤®à¤š, à¤§à¤¾à¤° और इंदौर सहित कई हिस्सों में लूटपाट, à¤†à¤—जनी,तोड़फोड़ और पथराव किया à¤¹à¥ˆà¥¤ à¤®à¤‚दसौर में एक टोल प्लाज़ा में तोड़ की और वहां रखे रुपये लूट लिए। बसों में सफर कर रहे बच्चों और महिलाओं को भी इन कांग्रेसियों ने नहीं बख्शा। कोई किसान कम से कम महिलाओं और बच्चों को तो नुकसान नहीं पहुंचाएगा। यह सब कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नेताओं की हायतौबा के पीछे एक सोची समझी गहरी साजिश है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने वध के लिये पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाया था। पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017’ à¤•ो अधिसूचित किया था। अधिसूचना में कहा गया कि पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यकित मवेशी मंडी में अवयस्क पशु को बिक्री के लिये न लेकर आये। साथ ही यह निर्देश दिए गए कि कोई व्यक्ति मवेशी मंडी में जानवर के मालिक के दस्तखत किए हुए घोषणा पत्र के बिना अंदर नहीं घुस सकता। अधिसूचना के अनुसार ‘‘मवेशी की पहचान के विवरण के साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि मवेशी को बाजार में बिक्री के लिये लाने का उद्देश्य उसका वध नहीं है। ये निर्देश पशु कल्याण के नियमों के तहत दिए गए थे। कांग्रेस, à¤¤à¥ƒà¤£à¤®à¥‚ल कांग्रेस, à¤µà¤¾à¤®à¤ªà¤‚थी दलों समेत कुछ दलों ने इस अधिसूचना को खान-पान के अधिकार पर अंकुश लगाना करार दिया। कांग्रेस के नेताओं ने इस अधिसूचना का विरोध करने के लिए à¤•ेरल के कन्नूर में सरेआम एक बछड़े की बेरहमी से हत्या की। उसका मांस बांटा गया। केरल में कई जगहों पर बीफ पार्टी का आयोजन किया गया। केरल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के राजशेखरन ने इस घटना का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया था और कहा कि यह ‘‘क्रूरता का चरम'' à¤¹à¥ˆà¥¤ कोई भी आम इंसान इस तरह का काम नहीं कर सकता है। राजशेखरन ने जिस वीडियो को शेयर किया है उसमें कुछ लोग पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाते नजर आ रहे हैं। साथ ही यूथ कांग्रेस जिंदाबाद और गाय के बछड़े को कत्ल करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भारी नाराजगी जताई। 

देशभर में कांग्रेसी नेताओँ के बेरहमी से गौवंश की हत्या के खिलाफ गुस्सा जताया गया। लोगों की नाराजगी के देखते हुए कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने निंदा की। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी निंदा की। कांग्रेस ने गौ हत्या के आरोपियों को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा भी की। कांग्रेस के नेताओं ने लोगों की नाराजगी को देखते हुए गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग कर दी। जनता की प्रतिक्रिया के मद्देनजर गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी थी। सोलंकी ने कहा था कि गाय हमारी मां जैसी है, à¤¹à¤® उसकी पूजा करते हैं। गाय की पूजा करना हमारी संस्कृति है। उनका यह दावा भी है कि अनुसार कांग्रेस सरकार ने ही गुजरात में सबसे पहले गोहत्या पर रोक लगायी थी। पूरे देशभर में कांग्रेस के नेताओं ने गाय हमारी माता है को लेकर बयान दिए। इसके बावजूद लोगों की नाराजगी कम नहीं हो रही थी।

केरल में गौ हत्या को लेकर मध्य प्रदेश में भारी नाराजगी व्याप्त हो गई थी। मध्य प्रदेश के किसानों में कांग्रेस के नेताओं ds कुकृत्य के खिलाफ भी गुस्सा था। किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने  मध्य प्रदेश में 1 से 10 जून हड़ताल करने की घोषणा की थी। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बातचीत होने  के बाद आंदोलन ख़त्म करने का फैसला किया था। उज्जैन में हुई बैठक के बाद तय हुआ कि किसान कृषि उपज मंडी में जो उत्पाद बेचते हैं, à¤‰à¤¨à¤•ा 50 फीसदी उन्हें नकद मिलेगा जबकि 50 फीसदी आरटीजीएस के ज़रिए यानी सीधा उनके बैंक खाते में आएगा। यह भी तय हुआ कि मूंग की फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी।

किसानों का प्याज आठ  रुपए प्रति किलोग्राम की सरकारी दर से खरीदने का फैसला भी किया गया। किसान संघ की ज्यादातर मांगों को सरकार ने मान लिया था। फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने और किसानों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को भी वापस लेने का भी फैसला किया गया। जब भारतीय किसान संघ ने आन्दोलन वापस ले लिया तो किसानों की तरफ से प्रदर्शन करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। गौ हत्या पर लोगों की नाराजगी से ध्यान हटाने के लिए ही मंदसौर में हिंसा भडकाई गई। फायरिंग में छह किसानों की मौत फायरिंग के कारण हुई। इस घटना के बंद के दौरान मंदसौर के साथ-साथ देवास,नीमच और उज्जैन में भी भारी हिंसा हुई । उपद्रवियों ने बस-ट्रक और पुलिस वाहनों सहित100 से ज्यादा वाहन फूंक दिए व 250 वाहनों में तोड़फोड़ की। कई थाने-चौकियों में भी आगजनी की गई। इन सब के पीछे किसान नहीं हैं बल्कि कांग्रेस के नेता हैं। हमारे पास इन नेताओं के खिलाफ पूरे सुबूत हैं। कांग्रेस नेताओं को गौ हत्या के पाप के साथ निर्दोष लोगों की मौत के जिम्मेदार Hkh हैं। इस मामले में कानून अपना काम करेगा।

लेखक भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक विषयों पर बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं।

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