किसानों के परिवारों से आज मिलेंगे शिवराज, सिंधिया करेंगे 72 घंटे का उपवास
इंदौर/मंदसौर. मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को मंदसौर जाà¤à¤‚गे। यहां वे किसान आंदोलन के दौरान पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग में मारे गठलोगों के परिवारों से मिलेंगे। à¤à¤¸à¤¾ कहा जा रहा है कि इस दौरान वे à¤à¤•-à¤à¤• करोड़ के मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ का चेक à¤à¥€ दे सकते हैं। उधर, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने जा रही है। जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया के साथ दूसरे नेता à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² में 72 घंटे का उपवास शà¥à¤°à¥‚ करेंगे। बता देंं कि मंदसौर में पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई थी। शांति की अपील करते हà¥à¤ शिवराज ने अनशन à¤à¥€ किया था। मंदसौर से सेकà¥à¤¶à¤¨ 144 हटाई गई...
- लोकल à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान मंदसौर जिले में छह जगहों का दौरा कर सकते हैं। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ और सरकार को लेकर लोगों में अà¤à¥€ à¤à¥€ नाराजगी है। इसलिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के सखà¥à¤¤ इंतजाम किठगठहैं। सीà¤à¤® को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जगह हेलिकॉपà¥à¤Ÿà¤° से ले जाया जाà¤à¤—ा।
- मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पà¥à¤²à¥‡à¤¨ से मंदसौर पहà¥à¤‚चेंगे। इसके बाद वे रोड के जरिठबड़वन, लोध जाà¤à¤‚गे। इसके बाद हेलिकॉपà¥à¤Ÿà¤° से नयाखेड़ा, पिपलियामंडी, बूà¥à¤¾ और फिर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤°à¤¾ के लिठउड़ान à¤à¤°à¥‡à¤‚गे।
मारे गठकिसान कहां से थे?
- इस किसान आंदोलन के दौरान पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग में 6 किसान की मौत हो गई थी। 32 साल के घनशà¥à¤¯à¤¾à¤® बड़वन से थे। इसके अलावा 40 साल के कनà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾à¤²à¤¾à¤² चिलà¥à¤²à¥Œà¤¦ पिपलिया के रहने वाले थे।
- 5 साल के बबलू टकरावद और 17 साल के अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• बरखेड़ापंत से थे। वहीं, चैनराम नयाखेड़ा के रहने वाले थे।
सिंधिया और हारà¥à¤¦à¤¿à¤• को लिया था हिरासत में
- जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया ने मंगलवार को जावरा के रासà¥à¤¤à¥‡ मंदसौर जाने की कोशिश की थी। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मंदसौर-जावरा सीमा पर टोल के पास रोककर हिरासत में ले लिया था। सिंधिया के अलावा सांसद कांतिलाल à¤à¥‚रिया और पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ महेंदà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤‚ह कालूखेड़ा को à¤à¥€ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने हिरासत में लिया गया था। à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ने सिंधिया को सेकà¥à¤¶à¤¨ 144 लागू होने के चलते मंदसौर में घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ की मंजूरी नहीं दी।
- इससे पहले हारà¥à¤¦à¤¿à¤• मंगलवार सà¥à¤¬à¤¹ करीब 10 बजे राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨-à¤à¤®à¤ªà¥€ बॉरà¥à¤¡à¤° से सटे नयागांव पहà¥à¤‚चे थे। उनके साथ जेडीयू के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महासचिव अखिलेश कटियार à¤à¥€ मौजूद थे। हारà¥à¤¦à¤¿à¤• ने जैसे ही मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ की वहां मौजूद पà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤•रà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हिरासत में ले लिया। हारà¥à¤¦à¤¿à¤• को रोकने के लिठपà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने महू-नसीराबाद हाईवे बंद कर दिया था।
राहà¥à¤² à¤à¥€ नहीं पहà¥à¤‚च पाठथे मंदसौर
- राहà¥à¤² गांधी à¤à¥€ 8 जून को किसानों के परिवारों से मिलने के लिठराजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के उदयपà¥à¤° से à¤à¤®à¤ªà¥€ के मंदसौर के लिठनिकले थे। राहà¥à¤² ने पà¥à¤²à¤¿à¤¸ से बचने के लिठकार-बाइक से सफर किया। करीब 3 किमी पैदल à¤à¥€ चले। इसके बाद à¤à¥€ वे मंदसौर नहीं पहà¥à¤‚च पाà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने नीमच से पहले ही हिरासत में ले लिया। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ राहà¥à¤² को à¤à¤• गेसà¥à¤Ÿ हाउस में ले गई। वहां वे करीब 4 घंटे तक रहे। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह इलाका छोड़ने के लिठकहा, लेकिन वे किसानों के परिवार वालों से मिलने की जिद पर अड़े रहे। à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ने उनकी बात फोन पर किसानों के परिवार से कराई। रिहा होने के बाद शाम को राहà¥à¤² ने राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में परिवारों से मà¥à¤²à¤¾à¤•ात की थी।
कà¥à¤¯à¤¾ हैं किसानों की मांगें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अनशन पर बैठे थे शिवराज?
- महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° के बाद जून की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¥€ किसानों ने आंदोलन शà¥à¤°à¥‚ किया था। मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के किसानों की मांग है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करà¥à¤œ माफी दी जाà¤, फसलों पर मिनिमम सपोरà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸ मिले, जमीन के बदले मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ पर कोरà¥à¤Ÿ जाने का हक मिले और दूध के रेट बढ़ाठजाà¤à¤‚।
- 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया था। बाद में मंदसौर, उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨ और शाजापà¥à¤° जैसे राजà¥à¤¯ के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में फैल गया। मंदसौर में पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई थी। शांति की अपील करते हà¥à¤ शिवराज ने अनशन à¤à¥€ किया था।
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में किसानों की मांग
- मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के किसान करà¥à¤œ माफी, मिनिमम सपोरà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸, जमीन के बदले मिलने वाले मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ और दूध के रेट को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हà¥à¤† था। बाद में मंदसौर और राजà¥à¤¯ के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ फैल गया। इस दौरान हà¥à¤ˆ फायरिंग में 7 किसानों की मौत हो गई।
- करà¥à¤œ माफी और दूध के दाम बढ़ाने जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर किसानों का आंदोलन महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में 1 जून से शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† था। वहां अब तक 7 लोगों की मौत हà¥à¤ˆ है।
- राजà¥à¤¯ में शांति के लिठसीà¤à¤® शिवराज सिंह ने à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² में उपवास किया था। इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा था, "किसान की मेहनत और परिशà¥à¤°à¤® को बेकार नहीं जाने दिया जाà¤à¤—ा। किसान को लाà¤à¤•ारी मूलà¥à¤¯ देने में मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मरà¥à¤œà¥€ के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाà¤à¤—ी। किसान विरोध मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को ऑरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤‚स लाकर बदला जाà¤à¤—ा।"
करà¥à¤œ माफी पर कà¥à¤¯à¤¾ है सरकारों का रà¥à¤–?
- à¤à¤®à¤ªà¥€: राजà¥à¤¯ के कृषि मंतà¥à¤°à¥€ गौरीशंकर बिसेन ने कहा है कि किसानों के लिठकरà¥à¤œ माफी का सवाल नहीं उठता। वे इसके पकà¥à¤· में नहीं हैं।
- महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°:आंदोलन कर रहे किसानों को बड़ी जीत तब मिली जब महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° सरकार ने मापदंडों के आधार पर पूरी करà¥à¤œ माफी का फैसला लिया। यहां करà¥à¤œ माफी के लिठपैनल बनेगा।
- उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ :योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ ने सीà¤à¤® बनते ही फैसला किया था कि उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में किसानों का करà¥à¤œ माफ किया जाà¤à¥¤ 2 करोड़ 15 लाख किसानों के à¤à¤• लाख रà¥à¤ªà¤ तक करà¥à¤œ माफ करने का फैसला लिया गया।
- केंदà¥à¤°: अरà¥à¤£ जेटली ने कहा है किसानों की करà¥à¤œ माफी पर केंदà¥à¤° मदद नहीं करेगा। राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को इसके लिठखà¥à¤¦ पैसा जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¤¾ होगा।
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार ने अब तक कà¥à¤¯à¤¾ कदम उठाà¤?
- सीà¤à¤® चौहान ने किसानों पर केस खतà¥à¤® करने, जमीन मामले में किसान विरोधी पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को हटाने, फसल बीमा को ऑपà¥à¤¶à¤¨à¤² बनाने, मंडी में किसानों को 50% कैश पेमेंट और 50% आरटीजीà¤à¤¸ से देने का à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया था। यह à¤à¥€ कहा था कि सरकार किसानों से इस साल 8 रà¥. किलो पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और गरà¥à¤®à¥€ में समरà¥à¤¥à¤¨ मूलà¥à¤¯ पर मूंग खरीदेगी। खरीदी 30 जून तक चलेगी।
- सरकार ने यह à¤à¥€ à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया था कि à¤à¤• आयोग बनेगा जो फसलों की लागत तय करेगा। उस पर किसानों को फायदा होने लायक कीमत मिले, यह सरकार सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कराà¤à¤—ी।
मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 19 साल बाद इस तरह का आंदोलन
- इससे पहले मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बैतूल जिले के मà¥à¤²à¤¤à¤¾à¤ˆ में 1998 में किसानों ने इस तरह का आंदोलन किया था।
- 12 जनवरी 1998 को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ के दौरान 18 लोगों की मौत हà¥à¤ˆ थी। दरअसल, मà¥à¤²à¤¤à¤¾à¤ˆ में उस वकà¥à¤¤ किसान संघरà¥à¤· मोरà¥à¤šà¤¾ के बैनर तले आंदोलन हà¥à¤† था। किसान बाढ़ से हà¥à¤ˆ फसलों की बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¥€ के लिठ5000 रà¥à¤ªà¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¯à¤° मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ और करà¥à¤œ माफी की मांग कर रहे थे। उस वकà¥à¤¤ राजà¥à¤¯ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार थी।