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2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में होगा सदी का महावृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² । बदलाव की संवाहक साफ नीयत और दृॠइचà¥à¤›à¤¾-शकà¥à¤¤à¤¿ होती है। खासतौर से तब जब पà¥à¤°à¤•ृति में पैदा असंतà¥à¤²à¤¨ को दूर कर उसका नैसरà¥à¤—िक रूप देना हो या नदियों को सदानीरा बनाना हो। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ 'नमामि देवि नरà¥à¤®à¤¦à¥‡- सेवा यातà¥à¤°à¤¾' के माधà¥à¤¯à¤® से पिछले छह माह में इस बात का गवाह रहा है कि कैसे पà¥à¤°à¤•ृति को बचाने , नदियों को बचाने की कोशिश जन-आंदोलन में बदलती है। न केवल मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ बलà¥à¤•ि सारे देश और विशà¥à¤µ ने इसे देखा और सराहा।
मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान के नेतृतà¥à¤µ में संचालित 'नमामि देवि नरà¥à¤®à¤¦à¥‡' सेवा यातà¥à¤°à¤¾ ने विशà¥à¤µ मानवता को यह संदेश दिया कि नदियाठबà¥à¤¤à¥€ आबादी, औदà¥à¤¯à¥‹à¤—ीकरण और जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के नित नये खतरों के बावजूद बचायी जा सकती है। इस यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान न केवल जनमानस नदी के संरकà¥à¤·à¤£ के खातिर जागरूक हà¥à¤† बलà¥à¤•ि उसमें नदी को पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित करने वाले, उसके अविरल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोकने वाले सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में à¤à¥€ बदलाव आया। जनमानस समठगया कि नदी है तो वह है, उसकी संतति है और है à¤à¤¾à¤µà¥€ पीà¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ जीवन।
2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को 6 करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौधों का रोपण
नदी संरकà¥à¤·à¤£ खासतौर से नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के संरकà¥à¤·à¤£ की मà¥à¤¹à¤¿à¤® को पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ आधार देने के लिये नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ यातà¥à¤°à¤¾ के बाद अब 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के दोनों तट के किनारों और नदी के जलगà¥à¤°à¤¹à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° वाले कà¥à¤² 24 जिलों में 6 करोड़ पौधे लगाने का सदी का सबसे बड़ा महावृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ कारà¥à¤¯ किया जायेगा। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने अब तक सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किये जाते रहे पौधा रोपण कारà¥à¤¯ को à¤à¥€ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ यातà¥à¤°à¤¾ की तरà¥à¤œ पर जन-अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के रूप में ही संचालित करने का फैसला लिया है। इस फैसले के अनà¥à¤°à¥‚प ही 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ के महावृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ की तैयारियाठकी गई। यह तैयारियाठ2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ के विशà¥à¤µ रिकारà¥à¤¡ के रूप में परिणत होगी, जब à¤à¤• साथ à¤à¤• दिन 6 करोड़ पौधे लगेंगे। माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ इन पौधों के साल-दर साल वृकà¥à¤· बनने के साथ न केवल हरियाली चूनर से आचà¥à¤›à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ होगी बलà¥à¤•ि उसका अविरल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤µà¥€ पीà¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिये वरदान बनेगा।
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ बेसिन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी की कà¥à¤² लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 1312 किलोमीटर की है। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी की कà¥à¤² लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ 1079 किलोमीटर है, जो कà¥à¤² लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ का 82.24 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ है। इस सांखà¥à¤¯à¤¿à¤•ी से साफ जाहिर है कि नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के संरकà¥à¤·à¤£ का महती कारà¥à¤¯ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में ही होना है और मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ को ही करना है। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी का बेसिन 98 हजार 796 वरà¥à¤— किलोमीटर में फैला है। इसमें à¤à¥€ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ का हिसà¥à¤¸à¤¾ 86.19 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ कà¥à¤² 85 हजार 149 वरà¥à¤— किलोमीटर का है।
मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ बेसिन के 24 जिले में होगा वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ बेसिन में मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के 24 जिले आते हैं। इनमें डिंडौरी, मणà¥à¤¡à¤²à¤¾, जबलपà¥à¤°, नरसिंहपà¥à¤°, होशंगाबाद, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खणà¥à¤¡à¤µà¤¾, खरगोन, धार, बड़वानी,अलीराजपà¥à¤°, अनूपपà¥à¤°, बालाघाट, कटनी, दमोह, सागर, सिवनी, छिनà¥à¤¦à¤µà¤¾à¥œà¤¾, बैतूल, इनà¥à¤¦à¥Œà¤° और बà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤¨à¤ªà¥à¤° जिला शामिल है।
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के कैचमेनà¥à¤Ÿ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ जिलों में 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2017 को à¤à¤• दिवसीय वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ में 6 करोड़ पौधों का रोपण किया जाना है। वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ का यह महती कारà¥à¤¯ वन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में, सà¥à¤•ूल, कॉलेज, शासकीय कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¾à¤‚गण, अनà¥à¤¯ सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• à¤à¥‚मियों और निजी à¤à¥‚मियों पर किया जायेगा।
सरकार और समाज की à¤à¤¾à¤—ीदारी से होगा वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£
वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ में वन, गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ विकास, कृषि उदà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¿à¤•ी, नगरीय पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨, सà¥à¤•ूल शिकà¥à¤·à¤¾, उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤—, जन-अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ परिषद और अनà¥à¤¯ शासकीय विà¤à¤¾à¤— की à¤à¥‚मिका रहेगी। à¤à¤• दिवसीय इस वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ में शासन के सà¤à¥€ विà¤à¤¾à¤—ों के समसà¥à¤¤ अधिकारियों/करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤— लेने के लिये पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया गया है। à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, जिला मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ सà¥à¤¤à¤°, विकास खणà¥à¤¡ à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤°à¤¾à¤® सà¥à¤¤à¤° पर पदसà¥à¤¥ अधिकारी-करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ का वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤£ में à¤à¤¾à¤— लेना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया गया है। वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ में à¤à¤¾à¤— लेने हेतॠonline रजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की गई। इसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° www.namamidevinarmade.mp.gov.in पर निजी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, शासकीय संसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤, सामाजिक à¤à¤µà¤‚ धारà¥à¤®à¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤, महिला मंडल, कà¥à¤²à¤¬à¥à¤¸ ने आदि ने वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤£ में शामिल होने के लिये रजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¶à¤¨ करवाया। दिनांक 28 जून 2017 की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 5 लाख 89 हजार लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ऑनलाइन पंजीकरण करवाया जा चà¥à¤•ा था।
रोपण के लिये आवशà¥à¤¯à¤• पौधों की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ वन विà¤à¤¾à¤—, उदà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¿à¤•ी विà¤à¤¾à¤— à¤à¤µà¤‚ निजी रोपणियों से की जा रही है। आवशà¥à¤¯à¤• फलदार पौधे अनà¥à¤¯ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किये जा रहे हैं। पौधा लगाने के लिये गढà¥à¤¢à¤¾ खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ कारà¥à¤¯ सà¤à¥€ विà¤à¤¾à¤—ों ने अपने-अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लगà¤à¤— पूरà¥à¤£ कर लिया है। रोपित पौधों के सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के लिये पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• रोपण सà¥à¤¥à¤² पर अधिकारी/करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ तैनात किये गये हैं।
रोपी जाने वाली मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤
वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ में सागौन लगà¤à¤— 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, बॉस 15 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤,औषधीय पौधे यथा ऑवला, अरà¥à¤œà¥à¤¨, बेल, नीम हरà¥à¤°à¤¾, बहेड़ा आदि 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, फलदार पौधे यथा जामà¥à¤¨, जाम, सीताफल, नींबू, आम, अनार, शहतूत आदि 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में, अनà¥à¤¯ लघॠवनोपज पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ जैसे महà¥à¤†, इमली, अचार, कà¥à¤²à¥à¤²à¥‚, कà¥à¤¸à¥à¤® आदि 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में और साजा, सिरस, सà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¾, कटहल, पीपल, बरगद, कदमà¥à¤¬ आदि पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ 35 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रोपी जायेंगी।
बनेगा विशà¥à¤µ रिकारà¥à¤¡
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ बेसिन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°/कैचमेंट कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के जिलों में 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को किये जाने वाले वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ कारà¥à¤¯ का विशà¥à¤µ रिकारà¥à¤¡ बनाये जाने के लिये तैयारियाठकी गयी हैं। विशà¥à¤µ रिकारà¥à¤¡ के Category Most trees Planted in 12 hours (team)- multiple locations में रोपण कारà¥à¤¯ किया जायेगा। रोपण कारà¥à¤¯ सà¥à¤¬à¤¹ 7.00 बजे से शाम 7.00 बजे तक 12 घनà¥à¤Ÿà¥‡ की अवधि में होगा । पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• रोपण-सà¥à¤¥à¤² की जी.पी.à¤à¤¸. रीडिंग ली जायेगी । साथ ही पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• रोपण-सà¥à¤¥à¤² पर रोपित पौधे के सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के लिये 4-4 घंटे के लिये दो-दो विटनेस à¤à¤µà¤‚ रोपण में à¤à¤¾à¤— ले रहे पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• 50 वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के लिये à¤à¤•-à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤°à¥à¤¡ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिले के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विà¤à¤¾à¤—ों के शासकीय अधिकारी/करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से कलेकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• जिले में नियà¥à¤•à¥à¤¤ इन विटनेस à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤°à¥à¤¡à¤¸ को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिया गया है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• रोपण-सà¥à¤¥à¤² के लिये जिला सà¥à¤¤à¤° पर कोड नमà¥à¤¬à¤° à¤à¤µà¤‚ राजà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ सीरियल नमà¥à¤¬à¤° दिये गये हैं। रोपण-सà¥à¤¥à¤² पर रोपण दिनांक को रोपण कारà¥à¤¯ की फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ और वीडियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कराने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ की गई है।
पौधारोपण मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन à¤à¤µà¤‚ निगरानी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
इस महावृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में लगाये जाने वाले पौधों के रोपण के बाद उनके मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन और निगरानी की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ की गई है। इस वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महातà¥à¤®à¤¾ गाà¤à¤§à¥€ नरेगा योजना के जॉबकारà¥à¤¡à¤§à¤¾à¤°à¥€ परिवारों को पौध रकà¥à¤·à¤• बनाया गया है। पौधरकà¥à¤·à¤• को पौधे के संधारण à¤à¤µà¤‚ जीवित रखने के लिठ03 से 05 वरà¥à¤· तक मजदूरी का à¤à¥à¤—तान किया जायेगा। गà¥à¤°à¤¾à¤® पंचायतों को परà¥à¤¯à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ के लिये राशि का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ किया गया है। साथ ही पौध-रोपण कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ मॉनिटरà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से निरीकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ करवाया जायेगा। वन विà¤à¤¾à¤—, विà¤à¤¾à¤—ीय योजना के माधà¥à¤¯à¤® से पौधों का नियमित संधारण करेगा। इसके अलावा à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“, सà¥à¤µ-सहायता समूह, सà¥à¤•ूलà¥à¤¸ à¤à¤µà¤‚ सामाजिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ पौधों के संरकà¥à¤·à¤£ का कारà¥à¤¯ किया जायेगा।
जिलेवार वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ लकà¥à¤·à¥à¤¯
2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2017 को नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ कैचमेनà¥à¤Ÿ के 24 जिलों में 667 लाख 50 हजार पौधे लगाने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया गया है इनमें से अनà¥à¤ªà¤ªà¥‚र जिले में 10.50 लाख पौधे, डिणà¥à¤¡à¥Œà¤°à¥€ में 33 लाख, मणà¥à¤¡à¤²à¤¾ में 50 लाख, जबलपà¥à¤° में 42 लाख, कटनी में 6 लाख, इनà¥à¤¦à¥Œà¤° में 15 लाख, धार में 37 लाख, अलीराजपà¥à¤° में 30 लाख, देवास में 45 लाख, सीहोर में 25 लाख, रायसेन में 35 लाख, होशंगाबाद में 55 लाख, हरदा में 46.50 लाख, बैतूल में 25 लाख, छिनà¥à¤¦à¤µà¤¾à¥œà¤¾ में 16 लाख, सिवनी में 30 लाख, नरसिंहपà¥à¤° में 50 लाख, खणà¥à¤¡à¤µà¤¾ में 35 लाख, बà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤¨à¤ªà¥à¤° में à¤à¤• लाख, खरगोन में 48 लाख, बड़वानी में 25 लाख, दमोह में 2 लाख, सागर में 2 लाख और बालाघाट जिले में 3.50 लाख पौधे लगाये जायेंगे।
पà¥à¤°à¤•ृति पà¥à¤°à¤¦à¤¤à¥à¤¤ वन आवरण का तो पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ को ईशà¥à¤µà¤°à¥€à¤¯ वरदान मिला ही हà¥à¤† है। दिनांक 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ मानव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ हरीतिमा का इतिहास रचने जा रहा है। यह à¤à¤¸à¥€ कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति का आगाज है, जो माठनरà¥à¤®à¤¦à¤¾ को सदानीरा बनाने के लिये हैं, नदी संरकà¥à¤·à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता और उसे कारà¥à¤¯à¤°à¥‚प में परिणत करने की है। परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण की रोकथाम और जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ जनित खबरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की सरकार और समाज की यह पहल नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ घाटी को उसका हरित और जैव विविधीय वैà¤à¤µ लौटाने का माधà¥à¤¯à¤® बनने के साथ सचà¥à¤šà¥‡ अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ को पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की जीवन-रेखा बनायेगा। यही विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है और कामना à¤à¥€à¥¤