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शिवराज सरकार को 2018 में उखाड़ फेंकें: सिंधिया

लहार में किसान-युवा क्रांति रैली से कांग्रेस का शंखनाद
ग्वालियर। कांग्रेस के नेताओं ने आज लहार की एकता रैली में 14 वर्षों से वेंटीलेटर पर चल रही कांग्रेस पार्टी में जान फूंकने के लिए फिर से बड़ा प्रयास किया। लहार में आयोजित किसान और युवा क्रांति रैली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, उत्तरप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर व राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश ने एक सुर में मध्यप्रदेश में 2018 में भाजपा को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी हैं और अब सत्ता में रहने का अधिकार खो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने किसानों की कर्जा माफी व समर्थन मूल्य की घोषणा की भी मांग की। उन्होंने कहा कि 2018 में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो वह सरकार किसानों और यूथ की फ्रेण्डली सरकार होगी।
किसान और युवा क्रांति रैली में सबसे पहली गर्जना पूर्व केन्द्रीय मंत्री व कांग्रेस के हीरो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की शिवराज सरकार ने किसानों व युवाओं के साथ छल किया हैं, प्रदेश में अन्नदाता किसानों की हालत बदतर है और अपनी आवाज उठाने वाले किसानों के सीने पर गोली मारी जा रही है। सिंधिया ने कहा कि चंपारण में 100 वर्ष पहले गांधी जी ने भी अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन कर देश को आजाद कराने की शुरूआत की थी। अब यही शुरूआत लहार से कांग्रेस कर रही है, हम प्रदेश को किसान व युवा विरोधी सरकार से मुक्त करायेंगे। सिंधिया ने कहा कि राज्य की शिवराज सरकार ने पहले किसानों की हत्या कराई फिर अब उपवास की राजनीति कर किसानों की मौत की बोली लगाई। उन्होंने कहा कि किसानों व युवाओं की बात करने वाले मुख्यमंत्री मंदसौर के पीडि़त किसानों से मिलने भी नहीं गये, बल्कि उन दुखी पीडि़तों को शासन के डंडे के भय से पकड़वाकर बुलवाया। सिंधिया ने आरोप लगाया कि भाजपा के राज में डीजल, पेट्रोल से लेकर हर चीज महंगी है आम आदमी की कमर बुरी तरह टूट चुकी है।
क्रांति रैली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने भी किसानों व युवाओं से प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि यह मौका 2018 में आ रहा है और अब हम सबको एकजुट होकर भाजपा सरकार को प्रदेश की सत्ता से बाहर करना है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी किसानों की ऋण माफी की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में किसानों को कर्जें के बोझ से दबाकर मारा जा रहा है वह राज्य क्या उन्नति करेगा। वहां विकास की बात बेमानी है। 
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, उत्तरप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश ने भी संबोधन किया। सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुटता की बात कही। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति निरंकुश है और मुख्यमंत्री कहते है कि सबकुछ नियंत्रण में है। नेताओं ने युवाओं से 2018 के चुनावों को कांग्रेस क्रांति में बदलने का आव्हान किया। इस अवसर पर मप्र के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहा कि इस शंखनाद से प्रदेश में परिवर्तन युग की शुरूआत हो गई है। पूर्व में पूर्व मंत्री व रैली के प्रभारी डॉ. गोविंद सिंह ने सभी नेताओं की अगवानी की। रैली में प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुणाल चौधरी, विधायक जीतू पटवारी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मांडवी चौहान, पूर्व मंत्री महेश जोशी, रामेश्वर नीखरा आदि भी उपस्थित थे।

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