मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने मà¥à¤¸à¥à¤•ान के जूनून और जजà¥à¤¬à¥‡ को किया समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤
हमें आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता मामा जी हमारे साथ हैं - मà¥à¤¸à¥à¤•ान
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² :
पांचवीं ककà¥à¤·à¤¾ में पà¥à¤¨à¥‡ वाली मà¥à¤¸à¥à¤•ान अहिरवार का अपना पकà¥à¤•ा पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय होगा। अà¤à¥€ वो राजधानी की दà¥à¤°à¥à¤—ानगर बसà¥à¤¤à¥€ में कचà¥à¤šà¥‡ मकान में पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय चलाती हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤¦ 25 किताबों से उनका पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤•लय 2016 में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† था। अब 1000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किताबों से सजà¥à¤œà¤¿à¤¤ हो गया है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मà¥à¤¸à¥à¤•ान अहिरवार का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ किया और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो लाख रूपये की सहायता राशि पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की। साथ ही यह à¤à¥€ कहा कि जलà¥à¤¦à¥€ ही à¤à¤• कमरे का पकà¥à¤•ा पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय बन जायेगा। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के इस à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• उपहार से अà¤à¤¿à¤à¥‚त मà¥à¤¸à¥à¤•ान कहती हैं कि अब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ और बसà¥à¤¤à¥€ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤¨à¥‡ और आगे बà¥à¤¨à¥‡ से कोई नहीं रोक सकता। मामाजी हमारे साथ हैं। अब हमें अपना काम करना है। मामा जी की सरकार हमारे साथ है।
मà¥à¤¸à¥à¤•ान गà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¸ हायर सेकेणà¥à¤¡à¤°à¥€ सà¥à¤•ूल जहांगीराबाद में पà¥à¤¤à¥€ हैं। उनकी बड़ी बहन नेहा अहिरवार नवीं ककà¥à¤·à¤¾ में तातà¥à¤¯à¤¾ टोपे हायर सेकेणà¥à¤¡à¤°à¥€ सà¥à¤•ूल में पà¥à¤¤à¥€ हैं। छोटा à¤à¤¾à¤ˆ विकास चौथी में मà¥à¤¸à¥à¤•ान के साथ ही सà¥à¤•ूल जाता है। आकाश पहली ककà¥à¤·à¤¾ में है। उनके चाचा राकेश कà¥à¤®à¤¾à¤° घर में मदद करते हैं। उनका सेंटरिंग का काम है। मà¥à¤¸à¥à¤•ान के पिता मनोहर अहिरवार à¤à¥€ सेंटरिंग का काम करते थे। सात जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को उनका निधन हो गया। मà¥à¤¸à¥à¤•ान बताती हैं कि पापा कहते थे कà¥à¤› करके दिखाओ । इसके लिये खूब पढ़ो। वो सà¥à¤µà¤¯à¤‚ डाकà¥à¤Ÿà¤° बनना चाहती हैं।
मà¥à¤¸à¥à¤•ान बताती हैं कि अà¤à¥€ रोज शाम पांच से सात बजे तक पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय लगता है। करीब बीस पचà¥à¤šà¥€à¤¸ बचà¥à¤šà¥‡ आते हैं। चटाई और दरी पर बैठना पड़ता है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ किताबें घर ले जाते हैं। फिर वापस कर देते हैं। मैं किताब के बारे में कà¥à¤› सवाल पूछ लेती हूठजिससे यह पता चल जाता है कि बचà¥à¤šà¥‡ ने किताब पढ ली है। à¤à¤• रजिसà¥à¤Ÿà¤° है जिसमें सारा हिसाब रहता है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने कहा कि मà¥à¤¸à¥à¤•ान जैसी बेटियों के काम को पूरा समाज आगे बà¥à¤¾à¤¯à¥‡ तो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बदलते देर नहीं लगेगी। सरकार की ओर से हर पà¥à¤°à¤•ार की सहायता दी जायेगी।