जावेद अखà¥à¤¤à¤° ने à¤à¤¸à¥‡ बनाई बॉलीवà¥à¤¡ में अपनी पहचान, जानें उनसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› दिलचसà¥à¤ª बातें
मà¥à¤‚बईः कवि, गीतकार और लेखक जावेद अखà¥à¤¤à¤° आज अपना 73वां जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ मना रहे हैं। जावेद अखà¥à¤¤à¤° का जनà¥à¤® 17 जनवरी 1945 को गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में हà¥à¤† था। उनकी पढ़ाई लखनऊ में हà¥à¤ˆà¥¤ जावेद अखà¥à¤¤à¤° के पिता निसार अखà¥à¤¤à¤° बॉलीवà¥à¤¡ गीतकार और कवि थे और उनकी मां सफिया अखà¥à¤¤à¤° à¤à¥€ à¤à¤• सिंगर, टीचर और लेखिका थीं।
जावेद अखà¥à¤¤à¤° फिलà¥à¤® इंडसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ का à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ नाम हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी पहचान की जरूरत नहीं है। सलीम के साथ उनकी जोड़ी ने कई हिट फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ दी हैं और 70 से 80 के दशक में दोनों की जोड़ी बॉलीवà¥à¤¡ में काफी मशहूर थी। दोनों ने à¤à¤• साथ फिलà¥à¤® अंदाज, यादों की बारात, जंजीर, दीवार, हाथी मेरे साथी और शोले की पटकथा लिखी हैं।
लगà¤à¤— तीन दशक से अपने गीतों से संगीत जगत को सराबोर करने वाले महान शायर और गीतकार जावेद अखà¥à¤¤à¤° के रूमानी नजà¥à¤®à¥‡à¤‚ आज à¤à¥€ लोगों को अपनी ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¤•र शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤“ं के दिल से बस à¤à¤• ही आवाज निकलती है ..जब छाये तेरा जादू कोई बच ना पाà¤à¥¤