सतना में नदियां उफान पर, मंदाकिनी हाई फ्लड लेवल से महज 2.45 मीटर दूर; तटीय गांवों में अलर्ट
सतना (विनय शर्मा): जिले में मंगलवार तड़के से जारी बारिश ने एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी हाई फ्लड लेवल के बेहद करीब पहुंच गई है। वहीं, सिमरावल नदी में बढ़ते पानी को देखते हुए रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के नदी किनारे बसे गांवों के लिए प्रशासन ने पूर्व सतर्कता एडवाइजरी जारी की है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले के प्रशासनिक अमले के साथ राहत और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नदियों के जलस्तर की निगरानी के साथ-साथ निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
जैतवारा के वार्ड नंबर-7 में कुछ घरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं रगोली के निचले हिस्से में रहने वाले लोगों को भी एहतियात के तौर पर बाहर बुलाया गया। सोहास में ग्रामीणों को अपने सामान के साथ ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
चित्रकूट की मंदाकिनी नदी प्रशासन के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। मंगलवार सुबह 6 बजे आरोग्यधाम के पास नदी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि मंदाकिनी का हाई फ्लड लेवल 139.60 मीटर है। नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का रुझान दर्ज किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन हर घंटे नदी की गेज रिपोर्ट ले रहा है।
बढ़ते पानी को देखते हुए चित्रकूट में जल निकासी और साफ-सफाई का काम भी शुरू कराया गया है। चौबेपुर तालाब से पानी बाहर निकालने की व्यवस्था की जा रही है। रामायणी कुटी के पास मुख्य सड़क के दोनों ओर जेसीबी और लेवलर की मदद से मिट्टी हटाई जा रही है। इसके अलावा आसपास के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी भर चुका है।
लगातार बारिश से चित्रकूट तहसील मार्ग क्षतिग्रस्त
बारिश का असर सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के चलते चित्रकूट तहसील मार्ग की सड़क क्षतिग्रस्त होकर टूट गई है। सड़क टूटने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश जारी रहने के कारण सड़क की स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है।
टमस नदी के 12 गेट खोले, हर सेकंड 1338 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा
टमस नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के काफी करीब पहुंच गया है। नदी का वर्तमान जलस्तर 288.29 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 289 मीटर है।
जलाशय का पूर्ण जलाशय स्तर 280.50 मीटर है और वर्तमान स्तर 279.00 मीटर दर्ज किया गया है। पानी की आवक बढ़ने के बाद टमस नदी के 12 गेट 0.75 मीटर की ऊंचाई तक खोल दिए गए हैं। इन गेटों से 1338 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन की ओर से टमस नदी के जलस्तर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिले में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक अमला और राहत-आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं।